Mayawati's clear message on the UGC Act: ‘सिर्फ जातिवादी मानसिकता वाले इसका विरोध कर रहे हैं, यह कतई भी उचित नहीं’
- by Priyanka Tiwari
- 2026-01-28 15:48:00
India News Live,Digital Desk : हाल ही में यूजीसी (UGC) द्वारा सरकारी और निजी कॉलेजों में समता समिति (Equity Committee) के गठन के नियम लागू किए गए, जिसे लेकर सवर्ण वर्ग में विरोध की लहर उठी है। इस विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि यह कानून देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिवादी भेदभाव को समाप्त करने के लिए बनाया गया है।
मायावती का बयान तीन बिंदुओं में
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी:
UGC Act लागू करने के फैसले का विरोध केवल जातिवादी मानसिकता वाले लोग कर रहे हैं।
इसे षड्यंत्रकारी मानना सही नहीं है।
नियम लागू करने से पहले अगर सभी पक्षों को विश्वास में लिया गया होता, तो सामाजिक तनाव पैदा नहीं होता।
दलित और पिछड़ों से मायावती की अपील
बसपा सुप्रीमो ने दलितों और पिछड़ों से आग्रह किया कि वे किसी नेता के भड़काऊ बयानों के बहकावे में न आएं। उन्होंने लिखा कि कई नेता स्वार्थी और बिकाऊ हैं, जो इस तरह के मामलों का फायदा उठाकर राजनीति करते हैं।
सवर्ण समाज में असंतोष
UGC के नए नियमों के लागू होने के बाद सवर्ण समाज खफा होकर केंद्र सरकार के विरोध में उतर गया। कुछ सवर्ण भाजपा नेताओं ने भी नाराजगी जताई। यूपी के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन मायावती ने स्थिति को शांतिपूर्ण और संवेदनशील बनाए रखने की अपील की है।