समझौता या कूटनीतिक दांव? ईरान पर ट्रंप के विरोधाभासी बयानों से उलझी दुनिया
India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीति एक बार फिर वैश्विक पहेली बन गई है। ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर ट्रंप के बयानों में महज 24 घंटे के भीतर आया 'यू-टर्न' न केवल राजनीतिक गलियारों में, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी भारी उथल-पुथल मचा रहा है। एक तरफ ट्रंप शांति वार्ता के निर्णायक मोड़ पर होने का दावा करते हैं, तो दूसरी तरफ उनकी सख्ती और चेतावनी की भाषा ने अनिश्चितता का एक नया दौर शुरू कर दिया है।
24 घंटे में बदल गए सुर: क्या है ट्रंप की रणनीति?
एक दिन पहले तक ट्रंप का रुख बेहद आशावादी था। उन्होंने यहां तक कहा था कि तेहरान के साथ समझौता 'काफी हद तक' तैयार है, जिससे वैश्विक तेल बाजारों में राहत की लहर दौड़ गई थी। लेकिन अगले ही पल उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी समझौते के लिए कोई जल्दबाजी नहीं है और जब तक ईरान अमेरिकी शर्तों—विशेषकर परमाणु कार्यक्रम पर पूर्ण अनुपालन—को स्वीकार नहीं करता, तब तक प्रतिबंध बरकरार रहेंगे। ट्रंप का यह अंदाज उनके पहले कार्यकाल की 'उत्तर कोरियाई कूटनीति' की याद दिलाता है, जहाँ धमकी और दोस्ती का मिश्रण एक साथ चलता था।
बाजार पर ट्रंप के बयानों का 'इफेक्ट'
ट्रंप की इस बयानबाजी का सीधा असर शेयर बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। निवेशकों की भावनाओं में हर घंटे बदलाव आ रहा है, जिससे वित्तीय विश्लेषक भी सकते में हैं। जहाँ कुछ विशेषज्ञ इसे ट्रंप की 'रणनीतिक दबाव' बनाने की कला मान रहे हैं, वहीं आलोचक इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'अनावश्यक अस्थिरता' करार दे रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या ये बयान केवल कूटनीतिक चालें हैं या फिर शांति वार्ता वास्तव में किसी गहरे संकट में फंसी है?
दावों और हकीकत का अंतर: ईरान का रुख क्या है?
बातचीत के बीच ईरान और अमेरिका के बीच दावों की जंग भी तेज हो गई है। रॉयटर्स और फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के उस दावे को तेहरान ने सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम भंडार सौंपने को तैयार है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई सहमति नहीं बनी है। फिलहाल, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और परमाणु कार्यक्रम को लेकर जो ढांचा तैयार किया जा रहा है, वह अभी भी कूटनीतिक पेच में फंसा हुआ है।