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July 31 2026 08:29 pm

Mangal Dosh Upay: कहीं भारी मंगल तो नहीं बिगाड़ रहा आपके काम? आज ही शुरू करें इन अचूक मंत्रों का जप

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India News Live,Digital Desk : ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति माना गया है। यदि कुंडली में मंगल की स्थिति मजबूत हो, तो व्यक्ति साहसी और पराक्रमी बनता है, लेकिन यदि यही मंगल 'भारी' हो जाए या 'मंगल दोष' (Manglik Dosh) बन जाए, तो जीवन में बाधाओं का अंबार लग जाता है। विशेषकर विवाह, करियर और आपसी तालमेल में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी ऐसी ही समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो मंगलवार के दिन इन विशेष मंत्रों और उपायों से मंगल देव को शांत कर सकते हैं।

मंगल दोष शांति के शक्तिशाली मंत्र

मंगल ग्रह के अधिदेवता भगवान हनुमान जी माने जाते हैं। दोष की शांति के लिए निम्नलिखित मंत्रों का जप अत्यंत फलदायी होता है:

मंगल बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः (इस मंत्र के जप से मंगल जनित दोषों का शमन होता है)।

एकाक्षरी मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः (प्रतिदिन 108 बार जप करने से कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं)।

मंगल गायत्री मंत्र: ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।।

वैदिक मंत्र: ॐ धरणीगर्भसंभूतं विद्युतकान्तिसमप्रभम। कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम।।

मंगल चंडिका स्तोत्र: संकटों का नाशक

भगवान शिव ने स्वयं देवी मंगल चंडिका की स्तुति की थी। जो व्यक्ति प्रत्येक मंगलवार को मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ करता है, उसके घर से अमंगल दूर होता है और सुख-सौभाग्य का आगमन होता है। विशेषकर संकटग्रस्त व्यक्तियों के लिए यह स्तोत्र रामबाण माना गया है।

मंगल दोष से राहत के लिए जरूर करें ये 5 काम

मंत्रों के अलावा अपनी जीवनशैली में ये छोटे बदलाव आपको मंगल के सकारात्मक फल दिला सकते हैं:

हनुमान जी की शरण: मंगलवार को हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। हनुमान जी के 108 नामों का स्मरण करना भी लाभकारी है।

मंगलवार का व्रत: मंगल दोष के प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार का व्रत रखें। याद रखें कि इस दिन नमक का सेवन वर्जित माना गया है।

दान का महत्व: लाल रंग की वस्तुओं का दान करें। जैसे- लाल कपड़ा, गुड़, मसूर की दाल या तांबे के बर्तन। इससे मंगल की प्रतिकूलता कम होती है।

अंगारक स्तोत्र: यदि मंगल बहुत अधिक कष्ट दे रहा हो, तो अंगारक स्तोत्र का पाठ करना सर्वोत्तम माना जाता है।

भूमि पूजन: चूंकि मंगल को 'भूमिपुत्र' कहा जाता है, इसलिए मंगलवार के दिन भूलकर भी जमीन नहीं खोदनी चाहिए और न ही घर का निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए।

मंगल दोष के लक्षण

कैसे पहचानें कि आपकी कुंडली में मंगल भारी है?

विवाह में अत्यधिक विलंब होना या वैवाहिक जीवन में कलह।

छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक क्रोध आना।

रक्त से संबंधित बीमारियां या बार-बार दुर्घटना होना।

जमीन-जायदाद के मामलों में कानूनी अड़चनें आना।