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July 25 2026 12:56 am

Major change in Indian public sector banks : 6 छोटे बैंक जल्द हो सकते हैं बड़े बैंकों में विलय

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India News Live,Digital Desk : भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक बार फिर बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सरकारी बैंकों (PSU Banks) के विलय का दूसरा दौर जल्द ही शुरू हो सकता है। इस प्रक्रिया के तहत, देश के 6 छोटे सरकारी बैंकों का स्वतंत्र अस्तित्व खत्म हो सकता है और उनका SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), PNB, केनरा बैंक या यूनियन बैंक जैसे बड़े बैंकों में विलय हो सकता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य छोटे बैंकों की संख्या कम करके उन्हें वित्तीय रूप से व्यवहार्य और मजबूत बनाना है, ताकि उनके प्रदर्शन और बैलेंस शीट में सुधार हो सके।

छोटे बैंकों का विलय: सरकार की रणनीति
केंद्र सरकार बैंकिंग क्षेत्र को मज़बूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की योजना के अनुसार, देश में कई छोटे बैंकों के बजाय कुछ मज़बूत और बड़े बैंक होने चाहिए। इससे बैंकों का ऋण कवरेज बढ़ेगा और वित्तीय क्षेत्र में स्थिरता आएगी। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, 6 छोटे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का बड़े बैंकों में विलय करने की तैयारी चल रही है। इस कदम से बैंकों की प्रशासनिक लागत कम होगी और दक्षता बढ़ेगी।

कौन से 6 बैंक विलय की योजना पर हैं?

रिपोर्टों के अनुसार, जिन बैंकों का विलय होने की संभावना है उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

इंडियन ओवरसीज बैंक

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया

यूको बैंक

बैंक ऑफ इंडिया

बैंक ऑफ महाराष्ट्र

पंजाब एंड सिंध बैंक

इन सभी बैंकों के एकीकरण के अगले चरण पर विचार किया जा रहा है।

नीति आयोग का सुझाव और संभावित संबंध

इससे पहले, नीति आयोग ने भी सरकार को कुछ छोटे बैंकों का निजीकरण या पुनर्गठन करने की सिफ़ारिश की थी। आयोग का मानना ​​है कि भारत में केवल 4-5 बड़े बैंक जैसे SBI, PNB, BoB, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ही चालू रहने चाहिए। संभावित विलय समीकरण:

इंडियन ओवरसीज बैंक: इस बैंक का एसबीआई या पीएनबी में विलय हो सकता है।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: इस बैंक का अधिग्रहण पीएनबी या बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा किया जा सकता है।

बैंक ऑफ इंडिया: इसका एसबीआई या बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय होने की संभावना है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र: यह बैंक भी पीएनबी या बीओबी के साथ विलय कर सकता है।

अतीत में हुए प्रमुख विलय (2017-2020)

इससे पहले भी सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधार किए थे। 2017 से 2020 के बीच 10 छोटे बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाए गए। नतीजतन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या, जो 2017 में 27 थी, अब घटकर 12 रह गई है।

एसबीआई के साथ: स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, हैदराबाद, मैसूर, पटियाला, त्रावणकोर और भारतीय महिला बैंक का विलय किया गया।

बीओबी के साथ: देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो गया।

पीएनबी के साथ: ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पीएनबी में विलय हो गया।

अन्य: सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय हो गया, जबकि आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक में विलय हो गया, तथा इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हो गया।