June 24 2026 09:27 pm

झुलसती गर्मी के बीच मिली हल्की राहत, हीट स्ट्रोक से मजदूर की मौत, किसानों को बारिश की आस

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India News Live,Digital Desk : पिछले एक हफ्ते से लगातार पड़ रही झुलसाती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था। तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। हालांकि रविवार को मौसम ने हल्का करवट ली और बूंदाबांदी के चलते लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। लेकिन इससे एक दिन पहले तेज गर्मी और लू ने एक मजदूर की जान ले ली।

हीट स्ट्रोक बना जानलेवा

थाना जैथरा क्षेत्र के गांव पहलादपुर भलौल के रहने वाले 45 वर्षीय रंजीत सिंह की मौत हीट स्ट्रोक की वजह से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि रंजीत अपनी बहन सुनीता के घर कोयला मिरहची में रहकर मजदूरी करता था। 14 जून को कोतवाली नगर क्षेत्र के रेलवे रोड पर वह मृत अवस्था में पाया गया। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मौसम ने दिखाई राहत की झलक

रविवार सुबह से ही आसमान में बादल घिरने लगे थे और कुछ ही देर में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। ठंडी हवाओं ने गर्मी से राहत दिलाई और मौसम सुहाना हो गया। दिन भर मौसम में ताजगी बनी रही और लोग भी सामान्य रूप से अपने कार्यों में जुटे रहे। हालांकि उमस की समस्या अब भी बनी हुई है।

किसानों को जगी उम्मीद

तेज गर्मी के कारण खेतों में नमी पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, जिससे धान की रोपाई रुक गई थी। लेकिन रविवार को मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों में उम्मीद की किरण जगा दी है। अब वे दोबारा खेतों में तैयारियों में जुटने लगे हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खरीफ की फसलों की बुआई सुचारु रूप से हो सकेगी।

विज्ञानियों का पूर्वानुमान और कृषि विभाग की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार के अनुसार, आने वाले दिनों में आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और हल्की बारिश की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और यह सामान्य के करीब आ रहा है।

वहीं, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने किसानों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस सप्ताह बारिश के संकेत हैं। मक्का की फसल को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसान सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि पहले से काटकर रखी गई फसल को संभाल कर रखें और खड़ी फसल को फिलहाल न काटें।