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August 12 2026 07:25 am

'ODI के बिना क्रिकेट की कल्पना करना भी मुश्किल', पूर्व दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज एबी डिविलियर्स ने दिया बड़ा बयान

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आधुनिक क्रिकेट में टी20 लीग्स के बढ़ते चलन और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के दबदबे के बीच अक्सर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट के भविष्य को लेकर बहस छिड़ती रहती है। कई दिग्गजों का मानना है कि 50-ओवर का प्रारूप धीरे-धीरे अप्रासंगिक होता जा रहा है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान और 'मिस्टर 360 डिग्री' के नाम से मशहूर महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) इस राय से पूरी तरह असहमत नजर आ रहे हैं। डिविलियर्स ने वनडे प्रारूप के समर्थन में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वनडे क्रिकेट के बिना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कल्पना करना भी असंभव है और यह प्रारूप खेल की असली आत्मा और संतुलन को बनाए रखता है।

वनडे क्रिकेट का महत्व और खिलाड़ियों की असली परीक्षा

अपने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बात करते हुए एबी डिविलियर्स ने वनडे क्रिकेट की प्रासंगिकता पर खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में भले ही रोमांच और तेजी हो, लेकिन वनडे क्रिकेट एक ऐसा प्रारूप है जो खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक क्षमता की असली परीक्षा लेता है। 50 ओवर के खेल में एक खिलाड़ी को अपनी रणनीति बदलने, दबाव संभालने और पारी को धीरे-धीरे बुनने का पूरा समय मिलता है। डिविलियर्स के अनुसार, क्रिकेट की दुनिया में आज भी आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप (ICC ODI World Cup) को ही सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च ट्रॉफी माना जाता है। ऐसे में इस प्रारूप को किसी भी स्थिति में खत्म या नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

टी20 लीग्स और इंटरनेशनल क्रिकेट कैलेंडर के बीच संतुलन की जरूरत

विश्व भर में चल रही लुभावनी टी20 लीगों के कारण व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल पर चिंता जताते हुए डिविलियर्स ने माना कि आईसीसी और विभिन्न देशों के क्रिकेट बोर्डों को सही संतुलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) को एक साथ जीवित रखने के लिए द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) के मैचों की संख्या में सोच-समझकर बदलाव किए जा सकते हैं, लेकिन 50-ओवर फॉर्मेट को पूरी तरह से बंद करना क्रिकेट के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के लिए हानिकारक होगा। पूर्व दिग्गज का मानना है कि वनडे क्रिकेट ने ही दुनिया को कई ऐतिहासिक और यादगार मुकाबले दिए हैं।

क्रिकेट बोर्ड्स और आईसीसी को डिविलियर्स का स्पष्ट संदेश

डिविलियर्स ने कहा कि 50-ओवर प्रारूप में बल्ले और गेंद के बीच एक आदर्श संतुलन देखने को मिलता है, जो दर्शकों को पूरे 100 ओवरों तक बांधे रखता है। अगर वनडे क्रिकेट को सही समय और सही तरीके से आयोजित किया जाए, तो इसकी लोकप्रियता पर कभी कोई आंच नहीं आ सकती। उन्होंने सभी क्रिकेट बोर्ड्स और आईसीसी से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक प्रारूप के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएं, क्योंकि वनडे फॉर्मेट को बचाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के वजूद को बचाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।