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July 23 2026 07:16 pm

भारत की सर्वम एआई ने बदली वैश्विक तस्वीर, गूगल जेमिनी और ChatGPT को सीधी चुनौती देने को तैयार

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India News Live,Digital Desk : अब तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अमेरिका और चीन का दबदबा माना जाता रहा है, जबकि भारत को अधिकतर टैलेंट सप्लायर के तौर पर देखा जाता था। लेकिन बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप सर्वम एआई इस सोच को बदलने में जुटा है। पूरी तरह भारत में विकसित एआई मॉडल के दम पर सर्वम अब गूगल जेमिनी, ChatGPT और एंथ्रोपिक जैसे वैश्विक दिग्गजों को कड़ी टक्कर देता नजर आ रहा है। खास बात यह है कि कंपनी का फोकस सिर्फ बड़े भाषा मॉडल तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय भाषाओं और जटिल डेटा प्रोसेसिंग में भी इसका प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया है।

सर्वम विजन ने क्यों खींचा दुनिया का ध्यान
सर्वम एआई के दो प्रमुख टूल सर्वम विजन और बुलबुल इस समय टेक इंडस्ट्री में खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। सर्वम विजन एक एडवांस OCR आधारित एआई मॉडल है, जिसने कई इंटरनेशनल बेंचमार्क्स पर गूगल जेमिनी, ChatGPT और Claude जैसे बड़े मॉडलों से बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी सटीकता और जटिल डॉक्यूमेंट समझने की क्षमता ने एआई रिसर्च कम्युनिटी को चौंका दिया है।

बेंचमार्क स्कोर जिन्होंने बनाया रिकॉर्ड
सर्वम एआई के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने X प्लेटफॉर्म पर इन उपलब्धियों की जानकारी साझा की। olmOCR-Bench पर सर्वम विजन ने 84.3 प्रतिशत की सटीकता हासिल की, जो जेमिनी 3 प्रो और DeepSeek OCR v2 जैसे मॉडलों से अधिक बताई जा रही है। वहीं OmniDocBench v1.5 पर इस मॉडल ने 93.28 प्रतिशत का शानदार स्कोर दर्ज किया। खास बात यह रही कि जटिल लेआउट, तकनीकी टेबल और गणितीय सूत्रों वाले डॉक्यूमेंट्स में भी इसका प्रदर्शन काफी मजबूत रहा, जहां पारंपरिक OCR सिस्टम अक्सर कमजोर पड़ जाते हैं।

आलोचनाओं से मिली वैश्विक पहचान
शुरुआती दौर में सर्वम एआई को सिर्फ भारतीय भाषाओं पर फोकस करने वाला एक सीमित प्रोजेक्ट माना गया था। लेकिन अब यही रणनीति इसकी सबसे बड़ी ताकत बनती नजर आ रही है। एआई विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय भाषाओं और स्थानीय कंटेंट के लिए सर्वम के OCR और स्पीच मॉडल बेहद उपयोगी हैं और वे उस खाली जगह को भर रहे हैं, जिसे ग्लोबल एआई लैब्स ने लंबे समय तक नजरअंदाज किया।

बुलबुल V3 से वॉयस एआई में बड़ा कदम
OCR के साथ-साथ सर्वम एआई ने अपना नया टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल बुलबुल V3 भी पेश किया है। यह मॉडल भारतीय भाषाओं में ज्यादा स्वाभाविक, स्पष्ट और भावनात्मक आवाजें तैयार करने पर केंद्रित है। फिलहाल बुलबुल V3 में 11 भारतीय भाषाओं के लिए 35 से ज्यादा वॉयस ऑप्शन उपलब्ध हैं। कंपनी का लक्ष्य इसे जल्द ही 22 भारतीय भाषाओं तक विस्तार देने का है, जिससे यह भारत का सबसे व्यापक वॉयस एआई प्लेटफॉर्म बन सके।