भविष्य के युद्ध के लिए तैयार होगी भारतीय सेना, देखें पूरी योजना
India News Live,Digital Desk : भारत आने वाले 15 सालों में खुद को एक बड़ी सैन्य महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। सरकार ने इसके लिए एक लंबी और ठोस योजना तैयार की है। इस योजना का मकसद केवल सेना को ताकतवर बनाना नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से भी आगे रखना है, ताकि अगर कभी भविष्य में अंतरिक्ष तक युद्ध की स्थिति पैदा हो, तो हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार रहें। रक्षा मंत्रालय थल सेना, वायु सेना और नौसेना – तीनों क्षेत्रों में आधुनिक बदलाव की दिशा में कदम उठा रहा है।
भविष्य के आधुनिक और घातक हथियार
सरकार अब युद्ध के पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर नई पीढ़ी के हथियारों पर फोकस कर रही है। इसमें एआई-संचालित हथियार, लेज़र एनर्जी हथियार और स्टील्थ ड्रोन शामिल हैं, जिन्हें आने वाले समय का सबसे घातक हथियार माना जा रहा है। इसके अलावा, परमाणु ऊर्जा से चलने वाले युद्धपोत, अगली पीढ़ी के टैंक, हाइपरसोनिक मिसाइलें और स्पेस-बेस्ड वार तकनीक भी इस रणनीति का हिस्सा हैं।
सेना की ताकत बढ़ाने की नई योजना
वर्तमान टी-72 टैंकों की जगह अब सेना को करीब 1,800 नए टैंक और पहाड़ी इलाकों में इस्तेमाल के लिए 400 हल्के टैंक मिलेंगे। इसके साथ ही, 50,000 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें और आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां सेना का हिस्सा होंगी, जिनसे दुश्मन के ड्रोन को भी आसानी से मार गिराया जा सकेगा। साइबर सुरक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि हमारी सैटेलाइट तकनीक को किसी भी तरह के साइबर अटैक से बचाया जा सके।
हिंद महासागर में भारत की पकड़
नौसेना को मजबूत बनाने के लिए सरकार परमाणु ऊर्जा चालित विमानवाहक पोत तैयार कर रही है। भविष्य में ऐसे 10 बड़े युद्धपोत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, वायु सेना को भी नई तकनीक से लैस किया जाएगा। इसके तहत सेना को 75 ऊंचाई पर निगरानी करने वाले छद्म उपग्रह, 150 स्टील्थ बमवर्षक ड्रोन (जो 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर सुपरसोनिक गति से उड़ सकते हैं), सैकड़ों सटीक-निर्देशित हथियार और 100 रिमोट से संचालित विमान दिए जाएंगे।
भारत का यह रोडमैप साफ दिखाता है कि आने वाले वर्षों में देश सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत सैन्य उपस्थिति दर्ज कराएगा।