सदियों पुराने नियम को तोड़ा, अब पति रख सकेंगे पत्नी का उपनाम
- by Priyanka Tiwari
- 2025-09-15 17:04:00
India News Live,Digital Desk : आज के आधुनिक दौर में लोग महिला-पुरुष समानता की बातें अक्सर करते हैं। लेकिन एक बात जो अभी भी कई देशों में प्रचलित है, वह है महिलाओं का उपनाम। ज्यादातर महिलाएं शादी से पहले अपने माता-पिता का उपनाम इस्तेमाल करती हैं, और शादी के बाद उन्हें अपने पति का उपनाम अपनाना पड़ता है।
महिलाओं का सम्मान बढ़ाने और समानता को बढ़ावा देने के लिए कई देशों में पुरुषों ने भी शादी के बाद पत्नी का उपनाम लेने का चलन शुरू किया। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कई देशों में अभी भी यह अनुमति नहीं है। पुरुषों को अपनी पत्नी का उपनाम लेने की छूट नहीं है। हाल ही में, दक्षिण अफ्रीका ने इस परंपरा को तोड़ते हुए बड़ा फैसला लिया है।
सदियों पुराना कानून टूटा
दक्षिण अफ्रीका में लंबे समय से ऐसा कानून था कि पुरुष अपनी पत्नी का उपनाम नहीं रख सकते। हाल ही में एक अदालत ने इस पुराने कानून को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह कानून उपनिवेशवाद के समय से चला आ रहा था और यह लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देता था। अदालत के अनुसार, शादी के बाद महिलाओं के उपनाम बदलने की प्रथा रोमन और डच कानून से आई थी। लेकिन अफ्रीकी परंपरा में, महिलाएं शादी के बाद भी अपने माता-पिता का उपनाम रखती थीं।
नया कानून
अब, दक्षिण अफ्रीका ने 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम' में संशोधन किया है। इसके तहत अगर कोई पति चाहे तो वह अपनी पत्नी का उपनाम रख सकता है। यह कदम लैंगिक समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दुनिया के अन्य देश
हालांकि, दक्षिण अफ्रीका ऐसा करने वाला पहला देश नहीं है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और पुर्तगाल जैसे कई देशों में पुरुषों को अपनी पत्नी का उपनाम रखने की अनुमति पहले से है।
यह कदम न केवल लैंगिक समानता के लिए अहम है, बल्कि यह समाज में पुराने रूढ़िवाद और भेदभाव को भी चुनौती देता है।