SCO में फोटो से पीएम मोदी को काटकर सेंटर में बनने चले थे शहबाज शरीफ, दुनिया भर में पाक PMO की खुली पोल

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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें राष्ट्राध्यक्ष शिखर सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय मंच से पाकिस्तान की एक ऐसी घटिया और बचकानी कूटनीतिक करतूत सामने आई है, जिसने वैश्विक स्तर पर उसकी भारी फजीहत करा दी है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की गरिमा और कूटनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (Pakistan PMO) ने एससीओ समिट की आधिकारिक ग्रुप फोटो (फैमिली फोटो) के साथ छेड़छाड़ की और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उस तस्वीर से पूरी तरह क्रॉप करके (काटकर) हटा दिया।

इस ओछी हरकत का एकमात्र मकसद यह था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ फोटो के ठीक बीच में यानी केंद्र (Center of the frame) में नजर आएं और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बराबर अपना कद दिखा सकें। हालांकि, डिजिटल युग में पाकिस्तान की यह घटिया एडिटिंग कुछ ही मिनटों में बेनकाब हो गई। सोशल मीडिया, वैश्विक मीडिया और कूटनीतिक जानकारों द्वारा पाकिस्तान की जमकर खिल्ली उड़ाए जाने और भारी अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती के बाद खुद शहबाज शरीफ को मैदान में उतरकर डैमेज कंट्रोल करना पड़ा।

एससीओ समिट की फैमिली फोटो से पीएम मोदी को किया क्रॉप: खुद को सेंटर में दिखाने के लिए पाक पीएमओ की ओछी हरकत

एससीओ समिट के दौरान जब सदस्य देशों के सभी राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों का आधिकारिक 'फैमिली फोटो सेशन' आयोजित हुआ, तो मंच पर कूटनीतिक प्रोटोकॉल के अनुसार सभी नेता एक कतार में खड़े हुए। मूल और आधिकारिक तस्वीर में बाईं ओर से एससीओ महासचिव नुरलान येरमेकबायेव, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक साथ खड़े थे।

लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जब इस ऐतिहासिक क्षण की तस्वीर साझा की गई, तो उसमें से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बेलारूस के राष्ट्रपति और एससीओ महासचिव को बाईं तरफ से पूरी तरह काटकर अलग कर दिया गया था। इस चुनिंदा क्रॉपिंग के जरिए पाकिस्तान ने एक फर्जी फ्रेम तैयार किया, जिसमें बाईं ओर से तस्वीर ईरान के राष्ट्रपति से शुरू हो रही थी और शहबाज शरीफ को जबरन पूरी तस्वीर के बिल्कुल केंद्र में दिखाया गया था। पाकिस्तान की इस हरकत का साफ मकसद अपने घरेलू दर्शकों को यह गुमराह करना था कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर शहबाज शरीफ का कद बहुत बड़ा है और वे वैश्विक शक्तियों के बीच मुख्य धुरी बने हुए हैं।

सोशल मीडिया और कूटनीतिक हलकों में उड़ी खिल्ली: वैश्विक फजीहत के बाद बैकफुट पर आया पाकिस्तान

पाकिस्तानी पीएमओ द्वारा एडिट की गई तस्वीर पोस्ट किए जाने के कुछ ही देर बाद इंटरनेट पर तूफान आ गया। दुनिया भर के पत्रकारों, रक्षा विश्लेषकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने एससीओ सचिवालय और अन्य देशों द्वारा जारी की गई मूल तस्वीर को सामने रखकर पाकिस्तान की इस ओछी मानसिकता की धज्जियां उड़ा दीं। लोगों ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए लिखा कि जो देश अंतरराष्ट्रीय कर्ज और आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा है, वह फोटो एडिटिंग के जरिए अपना कूटनीतिक कद बढ़ाने की नाकाम कोशिश कर रहा है।

नेटिजन्स ने तंज कसते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक प्रभाव और आभा से पाकिस्तान इतना भयभीत और असुरक्षित है कि वह एक सामान्य तस्वीर में भी भारत के शीर्ष नेतृत्व को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने इसे राजनयिक शिष्टाचार का घोर उल्लंघन करार दिया, क्योंकि बहुपक्षीय मंचों पर सभी सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व समान होता है और किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को जानबूझकर तस्वीर से हटाना बेहद गैर-पेशेवर माना जाता है। चारों तरफ से हो रही थू-थू के बाद इस्लामाबाद के हुक्मरानों के हाथ-पांव फूल गए।

भारी बेइज्जती के बाद शहबाज शरीफ का डैमेज कंट्रोल: दोपहर में पोस्ट करनी पड़ी पीएम मोदी वाली असली फोटो

जब पाकिस्तान की इस हरकत से देश की छवि और ज्यादा तार-तार होने लगी, तो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खुद डैमेज कंट्रोल मोड में आना पड़ा। सुबह पाकिस्तानी पीएमओ द्वारा विवादित और कटी हुई तस्वीर पोस्ट किए जाने के बाद दोपहर में शहबाज शरीफ ने अपने व्यक्तिगत आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से बिना किसी क्रॉपिंग के पूरी और मूल फैमिली फोटो साझा की। इस असली तस्वीर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी देशों के नेता अपनी मूल स्थिति में पूरी गरिमा के साथ मौजूद थे।

शहबाज शरीफ का यह यू-टर्न इस बात का स्पष्ट प्रमाण था कि वैश्विक दबाव और शर्मिंदगी के आगे पाकिस्तान को अपनी गलती सुधारने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पाकिस्तानी पीएमओ का स्क्रीनशॉट दुनिया भर में वायरल होकर एक अंतरराष्ट्रीय मजाक बन चुका था। इस पूरे प्रकरण ने यह साबित कर दिया कि पाकिस्तान भले ही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन उसकी सोच आज भी भारत के प्रति संकीर्णता और हीनभावना से ग्रस्त है।

एससीओ के मंच पर पीएम मोदी का आतंक पर प्रहार और पाकिस्तान की कूटनीतिक तन्हाई

फोटो विवाद के समानांतर, एससीओ शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क और उसके मददगारों पर कड़ा प्रहार किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का 'दोहरा मापदंड' (Double Standards) स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी विदेश नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकियों को पनाह व फंडिंग देते हैं, उनके पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमेशा की तरह इस बहुपक्षीय मंच का दुरुपयोग करते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) और द्विपक्षीय मुद्दों का रोना रोने की कोशिश की, जिसे भारत और अन्य सदस्य देशों ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। जहां एक तरफ भारत कनेक्टिविटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के वैश्विक विजन पर बात कर रहा था, वहीं पाकिस्तान केवल अपनी घरेलू राजनीति साधने और फोटो में जगह बनाने की जुगत में ही उलझा नजर आया।

कूटनीतिक परिपक्वता बनाम फोटो एडिटिंग का प्रोपेगैंडा

इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि किसी भी देश का अंतरराष्ट्रीय सम्मान और प्रभाव जमीनी ताकत, आर्थिक मजबूती और कूटनीतिक परिपक्वता से तय होता है, न कि तस्वीरों से नेताओं को काटकर खुद को केंद्र में दिखाने की सस्ती चालों से। भारत आज दुनिया की प्रमुख आर्थिक महाशक्ति और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बनकर वैश्विक एजेंडा तय कर रहा है, जबकि पाकिस्तान अपनी कूटनीतिक साख बचाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाने पर मजबूर है। एससीओ के मंच पर हुआ यह 'फोटो ब्लंडर' पाकिस्तान के कूटनीतिक इतिहास में एक और शर्मनाक अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।