Huge Hike in H-1B Visa Fees : अमेरिकी नौकरी का सपना हुआ मुश्किल
India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरा असर डाल रहे हैं। उनका हालिया कदम विशेषकर उन विदेशी पेशेवरों के लिए चिंता का विषय बन गया है, जो अमेरिका में काम करने का सपना देखते हैं।
ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीज़ा शुल्क में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब इस वीज़ा के लिए कंपनियों को प्रति आवेदक लगभग $100,000 (करीब 83 लाख रुपये) चुकाने होंगे। पहले यह शुल्क केवल $7,300 (लगभग 6.1 लाख रुपये) था। इसका मतलब है कि शुल्क में लगभग 13 गुना इजाफा हो गया है।
एच-1बी शुल्क में बड़ा बदलाव: नया नियम
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस नए नियम के तहत विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने वाली कंपनियों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम सिर्फ अत्यधिक कुशल और योग्य पेशेवरों को अमेरिका लाने में मदद करेगा।
‘अमेरिका फ़र्स्ट’ नीति का असर
ट्रंप ने चुनाव प्रचार से ही 'अमेरिका फ़र्स्ट' नीति को प्राथमिकता दी है। उनका मानना है कि अमेरिकी नागरिकों को पहले नौकरियों का अधिकार मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि विदेशी पेशेवर अमेरिकी कामगारों से नौकरियाँ छीन रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने आव्रजन नियमों को सख्त किया है।
ओवल ऑफिस में इस नए नियम पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा,
"इस नियम से यह सुनिश्चित होगा कि केवल अत्यधिक कुशल और उच्च गुणवत्ता वाले पेशेवर ही अमेरिका आएँ। साथ ही अमेरिकी कामगारों की नौकरियाँ सुरक्षित रहेंगी।"
भारतीय पेशेवरों पर सबसे बड़ा असर
एच-1बी वीज़ा अमेरिका में काम करने के लिए सबसे लोकप्रिय वीज़ा है। हर साल हज़ारों भारतीय आईटी और तकनीकी पेशेवर इसी वीज़ा के जरिए अमेरिका में नौकरी पाते हैं। इस अचानक और भारी शुल्क वृद्धि से भारतीय तकनीकी पेशेवरों और कंपनियों पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा। अमेरिका में नौकरी का सपना देखने वाले हज़ारों भारतीयों का भविष्य अब अनिश्चित हो गया है।
एच-1बी वीज़ा क्या है?
एच-1बी वीज़ा एक गैर-आप्रवासी कार्य वीज़ा है, जो कुशल विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में अस्थायी रूप से काम करने की अनुमति देता है। यह मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, वित्त और चिकित्सा जैसे क्षेत्र के पेशेवरों के लिए जारी किया जाता है। वीज़ा पाने के लिए आवेदक के पास स्नातक की डिग्री या उसके समकक्ष योग्यता होना आवश्यक है।