Historic drop in gold prices: क्या ₹1 लाख के नीचे आएगा गोल्ड? जानें बाजार के ताजा समीकरण

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India News Live,Digital Desk : साल 2026 की शुरुआत में सोने के बाजार ने निवेशकों को वह अहसास कराया है जो पिछले कई दशकों में नहीं देखा गया। रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ रहा सोना अचानक धड़ाम हो गया है। एक हफ्ते के भीतर सोने की कीमतों में ₹24,000 प्रति 10 ग्राम तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। रूस और अमेरिका के बीच बदलती कूटनीति ने सोने की चमक को फीका कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में खलबली मची हुई है।

आसमान से जमीन पर आया सोना: ₹1.80 लाख से सीधे ₹1.56 लाख पर

आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2025 में सोने ने शेयर बाजार को पछाड़ते हुए बंपर रिटर्न दिया था। फरवरी 2026 की शुरुआत में 'मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज' (MCX) पर सोना ₹1,80,779 के ऐतिहासिक स्तर पर जा पहुंचा था। लेकिन महज कुछ ही दिनों में पासा पलट गया। आज यानी 17 फरवरी 2026 को अहमदाबाद समेत देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर लगभग ₹1,56,480 के करीब आ गई है।

रूस-अमेरिका डील और डॉलर की वापसी: क्यों टूटा बाजार?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे 'ब्लूमबर्ग' की वह रिपोर्ट है, जिसने निवेशकों की नींद उड़ा दी। रिपोर्ट के अनुसार, रूस अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर के इस्तेमाल को दोबारा बढ़ाने और अमेरिका के साथ आर्थिक साझेदारी बहाल करने पर सहमत हो सकता है। अब तक ब्रिक्स (BRICS) देश डॉलर के विकल्प के रूप में सोने पर जोर दे रहे थे, लेकिन रूस के इस संभावित यू-टर्न ने सोने की सुरक्षित निवेश वाली छवि को बड़ा झटका दिया है।

वैश्विक शांति वार्ता और कम होती मांग

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने के दाम तेजी से गिरे हैं। हाजिर सोना (Spot Gold) अपने उच्चतम स्तर $5,626 प्रति औंस से गिरकर अब $4,920 - $5,040 के दायरे में आ गया है। इसके अलावा, ईरान के साथ परमाणु वार्ता और रूस-यूक्रेन के बीच शांति की सुगबुगाहट ने बाजार में 'रिस्क-ऑन' का माहौल बना दिया है। जब दुनिया में तनाव कम होता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश (सोना) से पैसा निकालकर शेयर बाजार में लगाने लगते हैं।

क्या ₹1 लाख से नीचे जाएगी कीमत? विशेषज्ञों का विश्लेषण

निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गिरावट का यह दौर सोने को ₹1 लाख के नीचे ले जाएगा? विशेषज्ञों की मानें तो इसकी संभावना बेहद कम है।

तकनीकी सपोर्ट: सोने के लिए ₹1,48,400 के आसपास एक बहुत मजबूत सपोर्ट जोन है।

घरेलू मांग: भारत में शादियों का सीजन और सोने के प्रति सांस्कृतिक लगाव इसे एक निश्चित स्तर से नीचे नहीं गिरने देगा।

डॉलर फैक्टर: अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो डॉलर मजबूत होगा और सोने पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन ₹1 लाख का स्तर छूना फिलहाल नामुमकिन सा लगता है।

निवेशकों के लिए सलाह: 'Buy on Dips' की रणनीति अपनाएं

'गोल्डमैन सैक्स' और 'जेपी मॉर्गन' जैसी वैश्विक संस्थाएं अभी भी लंबी अवधि में सोने के लिए सकारात्मक हैं। उनका अनुमान है कि आने वाले समय में सोना $5,400 से $6,000 प्रति औंस तक जा सकता है। वर्तमान स्थिति में विशेषज्ञों का सुझाव है कि:

घबराकर सोना बेचने (Panic Selling) से बचें।

एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय टुकड़ों में निवेश (SIP मोड) करें।

गिरावट के हर स्तर पर खरीदारी करना भविष्य में बड़ा मुनाफा दे सकता है।