H-1B visa restrictions in Texas : भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए क्या होंगे नए नियम

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India News Live,Digital Desk : अमेरिका के टेक्सास राज्य ने H-1B वीजा को लेकर बड़ा और विवादास्पद कदम उठाया है। रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट ने राज्य की सभी एजेंसियों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को अगले साल तक नए H-1B वीजा याचिकाएं दायर करने से रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी संघीय सरकार इस वीजा प्रोग्राम में बदलाव की दिशा में गंभीर कदम उठा रही है।

H-1B वीजा: कौन हैं प्रभावित?

H-1B वीजा प्रोग्राम के तहत अमेरिकी नियोक्ता विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नौकरी पर रख सकते हैं। टेक्सास में हजारों H-1B वीजा धारक काम कर रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और टेक्नोलॉजी कंपनियों से जुड़ी है। भारतीय पेशेवर इस प्रोग्राम का अहम हिस्सा हैं, खासकर आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में।

क्यों लिया गया यह फैसला?

गवर्नर एबॉट का कहना है कि यह अस्थायी रोक H-1B वीजा के लिए "कानूनी सुरक्षा ढांचा" तैयार करने का समय देगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर संघीय कानून में बदलाव होते हैं या ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित सुधार लागू होते हैं, तो उन्हें समझने और लागू करने का अवसर मिलेगा। रिपब्लिकन नेताओं का आरोप है कि कई नियोक्ता इस वीजा का दुरुपयोग कर अमेरिकी नागरिकों के रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर रहे हैं।

टेक्सास के विश्वविद्यालयों में H-1B वीजा धारक

USCIS के आंकड़ों के अनुसार, टेक्सास में सबसे अधिक H-1B वीजा धारक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर (डलास) में हैं, जहां 228 कर्मचारी इस वीजा पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा टेक्सास A&M यूनिवर्सिटी (214), यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर (171), यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास ऑस्टिन (169) और टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी (143) में भी H-1B वीजा धारक कार्यरत हैं।

टेक्नोलॉजी सेक्टर में H-1B का दबदबा

H-1B वीजा अधिकांशतः टेक्नोलॉजी सेक्टर में इस्तेमाल होता है। प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, 2012 से अब तक मंजूर किए गए 60% से अधिक H-1B वीजा कंप्यूटर और तकनीकी क्षेत्रों के लिए थे। पिछले साल सबसे ज्यादा H-1B वीजा अमेज़न को मिले, इसके बाद TCS, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और गूगल का नंबर आता है। टेक्सास में सबसे ज्यादा H-1B वीजा कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस के पास हैं, संख्या 3,172।

राज्य सरकार की नई जांच

गवर्नर एबॉट ने राज्य एजेंसियों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे पिछले साल दायर H-1B याचिकाओं की पूरी जानकारी दें। इसमें प्रायोजित वीजा धारकों की संख्या, पद, मूल देश और वीज़ा की समाप्ति तिथि शामिल है। इसके अलावा, नियोक्ताओं से यह भी दस्तावेज मांगे गए हैं कि उन्होंने H-1B पदों के लिए टेक्सास उम्मीदवारों को उचित अवसर दिया या नहीं।

H-1B वीजा क्या है?

H-1B वीजा 1990 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत शुरू हुआ। यह अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को लाने का अवसर देता है, जिनके पास विशेष तकनीकी कौशल होते हैं। यह वीजा तीन साल के लिए वैध होता है और इसे एक बार और तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। हर साल 65,000 वीजा उपलब्ध होते हैं और मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता वालों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा मिलते हैं। विश्वविद्यालयों और कुछ गैर-लाभकारी संस्थानों को इस सीमा से छूट दी जाती है।

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