वेनेजुएला के बाद क्यूबा पर अमेरिका की नजर? ट्रंप के बयान से कैरेबियन में बढ़ा तनाव
India News Live,Digital Desk : वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के एक महीने के भीतर ही अमेरिका की विदेश नीति को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार निशाने पर कैरेबियन देश क्यूबा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयानों के बाद क्यूबा में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। युद्ध और प्रतिबंधों की आशंका के चलते पेट्रोल पंपों और राशन की दुकानों पर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
क्यूबा की अर्थव्यवस्था और वेनेजुएला का तेल
क्यूबा की अर्थव्यवस्था काफी हद तक वेनेजुएला से मिलने वाले तेल और आर्थिक सहायता पर निर्भर रही है। ट्रंप का दावा है कि जैसे ही वेनेजुएला से तेल और पैसा आना बंद होगा, क्यूबा की सरकार खुद ही गिर जाएगी। इसी बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सवाल उठने लगा है कि क्या अमेरिका अब क्यूबा में तख्तापलट की रणनीति पर काम कर रहा है।
ट्रंप का अल्टीमेटम और सख्त बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि क्यूबा अब तख्तापलट के बेहद करीब है और वहां की सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगी। ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला से मिलने वाली मदद रुकते ही क्यूबा की राजनीतिक व्यवस्था ढह जाएगी। उनके इस बयान ने कैरेबियन क्षेत्र में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।
वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद हालात
3 जनवरी 2025 को अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला की राजधानी काराकास में की गई कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया। ट्रंप का दावा है कि अब वेनेजुएला की नई सरकार अमेरिका के अनुरूप नीतियां अपनाएगी, हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस सैन्य कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
क्यूबा में डर और अनिश्चितता का माहौल
अमेरिकी बयानों और संभावित कार्रवाई की आशंका के चलते क्यूबा में आम लोग भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ईंधन, खाद्यान्न और जरूरी सामान के लिए बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर यह डर गहराता जा रहा है कि कहीं देश एक नए संकट की ओर न बढ़ जाए।
क्यूबा का जवाब: समझौते से इनकार
ट्रंप द्वारा दिए गए समझौते के प्रस्ताव को क्यूबा ने सिरे से खारिज कर दिया है। क्यूबा के राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि उनका देश किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अमेरिका जबरदस्ती क्यूबा की संप्रभुता पर हमला नहीं कर सकता और देश अपनी आज़ादी की रक्षा करेगा।