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August 21 2026 12:01 pm

आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डीएम को मिला भारतीय नागरिकता देने का अधिकार, केंद्र सरकार ने जारी किए सख्त नियम

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भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकता कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने नागरिक संशोधन नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके तहत देश के आठ प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिलाधिकारियों (DM) को भारत के बाहर जन्मे पात्र एवं उपयुक्त आवेदकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का पूर्ण अधिकार सौंप दिया गया है।

किन क्षेत्रों में लागू हुआ नया नियम?

गृह मंत्रालय की इस नई अधिसूचना के अनुसार, जिन राज्यों और क्षेत्रों में जिलाधिकारियों को यह शक्ति दी गई है, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

गुजरात

राजस्थान

पंजाब

पश्चिम बंगाल

असम

त्रिपुरा (आदिवासी क्षेत्रों को छोड़कर)

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, अब इन क्षेत्रों में जिलाधिकारी उन पुरानी अधिकार प्राप्त समितियों और जिला स्तरीय समितियों की जगह ले लेंगे, जिनके पास पहले नागरिकता से जुड़े मामलों पर फैसले लेने के अधिकार थे। सरकार ने यह भी निर्देश जारी किया है कि इन क्षेत्रों में समितियों के पास पहले से लंबित सभी आवेदनों को तुरंत संबंधित जिलाधिकारियों को स्थानांतरित किया जाए, ताकि मामलों का निपटारा तेजी से हो सके।

आवेदकों के लिए रखे गए हैं सख्त नियम

नए अधिसूचित नियमों के तहत आवेदन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाया गया है। नियमों के अनुसार, नागरिकता के लिए पंजीकरण (Registration) या देशीयकरण (Naturalization) चाहने वाले आवेदकों के लिए खुद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य कर दिया गया है।

अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई आवेदक उचित अवसर दिए जाने के बावजूद अपने आवेदन पर हस्ताक्षर करने और निष्ठा की शपथ लेने के लिए खुद पेश नहीं होता है, तो संबंधित कलेक्टर (जिलाधिकारी) उस आवेदन को सीधे खारिज कर सकते हैं। सरकार के इस कदम से नागरिकता प्रदान करने की प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आने और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।