Congress attack : 11 साल की मोदी सरकार को बताया 'जुमला युग', विफलताओं का ब्योरा पेश किया
India News Live, Digital Desk: कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल को ‘जुमला युग’ करार देते हुए सोमवार को एक पुस्तिका जारी की, जिसमें सरकार की तमाम विफलताओं की फेहरिस्त दी गई है। पार्टी का आरोप है कि इन वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था, शासन प्रणाली, लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा का ग्राफ लगातार गिरता गया। महंगाई बढ़ी, सामाजिक विभाजन गहराया, और कमजोर वर्गों—जैसे दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक—लगातार निशाने पर रहे।
पुस्तिका में यह भी कहा गया कि मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल भी झूठे वादों और नाकामियों से भरा रहा है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली और बिना स्क्रिप्ट वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की खुली चुनौती दी। पार्टी का कहना है कि इतने लंबे कार्यकाल में भी प्रधानमंत्री ने एक बार भी स्वतंत्र प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में कहा कि भाजपा और आरएसएस ने संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघीय ढांचे को कमजोर किया गया, राज्यों के अधिकारों की अनदेखी की गई और पूरे देश में डर, नफरत और धमकी का माहौल बनाने की कोशिश की गई है।
खरगे ने यह भी कहा कि पिछले 11 सालों में आरक्षण और समानता के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की गई है। मणिपुर में जारी हिंसा को उन्होंने भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
खरगे ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जीडीपी ग्रोथ को जहां पहले 8 प्रतिशत तक बनाए रखा जाता था, अब वह 5-6 प्रतिशत पर अटक गई है। हर साल दो करोड़ नौकरियों के वादे के उलट, युवाओं से रोजगार छीना गया। महंगाई ने लोगों की बचत खत्म कर दी और आर्थिक असमानता अब चरम पर है।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी, गलत जीएसटी लागू करना, बिना योजना का लॉकडाउन और असंगठित क्षेत्र पर प्रहार—इन सबने करोड़ों लोगों का भविष्य खतरे में डाल दिया। सरकार की तमाम योजनाएं जैसे ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘100 स्मार्ट सिटी’, ‘नमामि गंगे’ आदि विफल साबित हुईं। यहां तक कि रेलवे की हालत भी बद से बदतर हो गई।
कांग्रेस ने अपने आरोपों के समर्थन में उन 20 वादों का जिक्र किया जो चुनावों में किए गए थे, लेकिन पूरे नहीं हुए—जैसे हर साल दो करोड़ नौकरियां देना, विदेशों से काला धन लाना, किसानों की आय दोगुनी करना आदि।