डिजिटल क्रांति: यूपी के 57 हजार गांवों में दौड़ेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, सीएम योगी ने लॉन्च किया 'प्रोजेक्ट गंगा'
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों को पूरी तरह से डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक युगांतकारी कदम उठाया है। सीएम योगी ने राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 'प्रोजेक्ट गंगा' (ग्रोथ एंड एडवांसमेंट के लिए सरकारी सहायता प्राप्त नेटवर्क) का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस महापरियोजना के तहत प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी। सरकार का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस और तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसरों का विस्तार करेगा।
'रेवड़ी संस्कृति' पर प्रहार: मुफ्त बांटने के बजाय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
परियोजना के शुभारंभ पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों की मुफ्त लोक-लुभावन योजनाओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए, न कि उसे लाचार। सरकार पर नागरिकों की निर्भरता न्यूनतम होनी चाहिए। 'रेवड़ी संस्कृति' के तहत सबकुछ मुफ्त में बांटने के बजाय, अगर हम युवाओं को स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएं, तो यह एक टिकाऊ और मजबूत आर्थिक मॉडल होगा। प्रोजेक्ट गंगा इसी टिकाऊ मॉडल को आगे बढ़ाने की एक मजबूत कड़ी है।"
20 लाख परिवारों को मिलेगा फाइबर इंटरनेट, तैयार होंगे 10 हजार डिजिटल उद्यमी
प्रोजेक्ट गंगा केवल इंटरनेट पहुंचाने का जरिया नहीं है, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में रोजगार का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करने की योजना है:
रोजगार की बौछार: इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 से अधिक युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता (DSP) यानी डिजिटल उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राज्य में 50,000 प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
फाइबर टू द होम: इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों के लगभग 20 लाख परिवारों तक फाइबर आधारित हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाना है। प्रत्येक डिजिटल सेवा प्रदाता (DSP) अपने-अपने क्षेत्र में 200 से 300 घरों को इंटरनेट ग्रिड से जोड़ेगा।
पहले चरण की शुरुआत: योजना के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश के 21 चयनित जनपदों में इसका संचालन तुरंत प्रारंभ किया जा रहा है।
बजट घोषणा पर अमल: 50% महिला उद्यमियों की होगी भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बजट प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में डिजिटल सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से 8,000 डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाने की घोषणा की थी। इस योजना की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं (महिला उद्यमियों) की होगी। सीएम योगी ने कहा कि 'प्रोजेक्ट गंगा' इस संकल्प को पूरा करने का सबसे बड़ा माध्यम बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि डिजिटल उद्यमी के रूप में चयनित होने वाले ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण (Training) दिया जाए ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
'इंटरनेट जितना तेज होगा, विकास की गति उतनी ही तीव्र होगी'
मुख्यमंत्री ने इंटरनेट को आज के दौर की सबसे बड़ी बुनियादी आवश्यकता बताते हुए कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को न्याय पंचायतों तक लेकर जाना ही ग्राम पंचायतों को वास्तविक 'स्मार्ट विलेज' के रूप में विकसित करना है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, “यह अभिनव पहल माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'डिजिटल इंडिया' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है, जो 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण के लिए एक मजबूत नींव के रूप में कार्य करेगी। इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, यूपी में विकास और ई-गवर्नेंस की रफ्तार उतनी ही तीव्र और पारदर्शी दिखाई देगी।”