Brian Lara and the IPL: वो 'जिद' जिसने क्रिकेट के शहंशाह को सबसे बड़ी लीग से दूर कर दिया, 10 लाख डॉलर की मांग पड़ी भारी
India News Live,Digital Desk : क्रिकेट की दुनिया में जब भी रिकॉर्ड्स की बात होती है, वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा का नाम सबसे ऊपर आता है। टेस्ट क्रिकेट में 400 रन और प्रथम श्रेणी में 501 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले लारा की ब्रांड वैल्यू 2008 में आसमान छू रही थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आईपीएल (IPL) के इतिहास का सबसे पहला अनुबंध (Contract) ब्रायन लारा को ही भेजा गया था? अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, अपनी एक शर्त और जिद की वजह से लारा कभी आईपीएल के मैदान पर चौके-छक्के जड़ते नहीं दिखे।
4 लाख डॉलर के बदले मांगे थे 10 लाख: क्यों ठुकराया ऑफर?
साल 2008 में जब आईपीएल की नींव रखी जा रही थी, तब बीसीसीआई (BCCI) दुनिया के सबसे बड़े सितारों को इस लीग का हिस्सा बनाना चाहता था। उस समय लारा की लोकप्रियता इतनी थी कि उनके नाम पर वीडियो गेम तक चलते थे। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने विदेशी खिलाड़ियों के लिए अधिकतम 4,00,000 डॉलर (करीब 3.30 करोड़ रुपये) की सीमा तय की थी। लेकिन लारा ने इस ऑफर को ठुकराते हुए 10 लाख डॉलर (करीब 8.30 करोड़ रुपये) की मांग रख दी। चूंकि लारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे, इसलिए फ्रेंचाइजी और बोर्ड ने उन पर इतनी बड़ी रकम खर्च करना मुनासिब नहीं समझा।
2011 की नीलामी में कोई खरीदार नहीं मिला
वक्त बदला और लारा को अपनी गलती का अहसास हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 2011 की मेगा नीलामी में लारा ने अपनी जिद छोड़ दी और 4,00,000 डॉलर के बेस प्राइस पर अपना नाम दर्ज कराया। हालांकि, तब तक आईपीएल का स्वरूप बदल चुका था और सभी टीमें भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों पर दांव लगा रही थीं। नतीजा यह हुआ कि जिस खिलाड़ी को कभी सबसे पहले न्योता मिला था, उसे किसी भी फ्रेंचाइजी ने नहीं खरीदा और वह 'अनसोल्ड' (Unsold) रह गए।
कोच के रूप में हुई लीग में वापसी
भले ही खिलाड़ी के तौर पर लारा का आईपीएल खेलने का सपना अधूरा रह गया, लेकिन वे इस लीग से पूरी तरह दूर नहीं रहे। बाद के सालों में वे सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) जैसी टीमों के साथ कोच और मेंटर के रूप में जुड़े। लारा का यह किस्सा आज भी क्रिकेट गलियारों में इस बात की मिसाल है कि समय और खेल की व्यावसायिक रणनीति किसी भी दिग्गज की प्रतिष्ठा से बड़ी हो सकती है।