बिलावल भुट्टो के बयान से मचा बवाल, हाफिज सईद के बेटे ने बताया 'गद्दार', माफी की मांग की
India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और नेता बिलावल भुट्टो जर्दारी के एक हालिया बयान ने देश में बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों को भारत को सौंपने के लिए "खुशी-खुशी" तैयार है, बशर्ते भारत ठोस सबूत दे और सहयोग करे।
लेकिन यह बयान कई कट्टरपंथियों को नागवार गुज़रा है। सबसे तीखी प्रतिक्रिया हाफिज सईद के बेटे हाफिज तल्हा सईद की तरफ से आई है। तल्हा ने बिलावल पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें "सच्चा मुसलमान न होने" का ताना दिया और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है।
एक वीडियो संदेश में तल्हा ने गुस्से से कहा, “बिलावल को हमारे वालिद को भारत को सौंपने का सुझाव देने की हिम्मत कैसे हुई?” उन्होंने इस बयान को पाकिस्तान विरोधी करार देते हुए मीडिया से अपील की कि वह इस मुद्दे पर खुली बहस करे।
तल्हा ने बिलावल और उनकी पार्टी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी पर आरोप लगाया कि वे हमेशा पश्चिमी देशों और भारत के हितों की सेवा करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि बिलावल पाकिस्तान की राजनीति और विदेश नीति को चलाने के लायक नहीं हैं।
उन्होंने दावा किया कि पीपीपी जैसी पार्टियों की नीतियां देश की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं और हमेशा संवेदनशील जानकारी "दुश्मनों" तक पहुंचाती हैं।
बिलावल ने क्या कहा था?
पिछले हफ्ते बिलावल भुट्टो ने अल जज़ीरा को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मसूद अजहर का पाकिस्तान में कोई अता-पता नहीं है, और अगर भारत कोई ठोस जानकारी देता है तो पाकिस्तान उसे गिरफ्तार करने को तैयार है।
हाफिज सईद को लेकर उन्होंने कहा कि वह पहले से ही पाकिस्तान की हिरासत में है और उसे भारत को सौंपने में पाकिस्तान को कोई आपत्ति नहीं है।
हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाफिज सईद असल में आज़ाद घूम रहा है। इस पर बिलावल ने सफाई दी कि यह दावा गलत है और सईद सरकार की कस्टडी में है।
बिलावल के इन बयानों से पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज हो गई है, और अब यह देखना होगा कि सरकार और कट्टरपंथी गुटों के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है।