वाराणसी नगर निगम का बड़ा तोहफा, अब दिव्यांग और दृष्टिबाधितों को नहीं देना होगा हाउस-वाटर टैक्स

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India News Live, Digital Desk: वाराणसी नगर निगम का बड़ा तोहफा: अब दिव्यांग और दृष्टिबाधितों को नहीं देना होगा हाउस-वाटर टैक्सधर्म और अध्यात्म की नगरी काशी से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वाराणसी नगर निगम ने दिव्यांगजनों और दृष्टिबाधित नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब शहर में रहने वाले दृष्टिबाधित और 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग भवन स्वामियों को किसी भी प्रकार का हाउस, वाटर और सीवर टैक्स नहीं देना होगा। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है।

दृष्टिबाधित और दिव्यांगों के लिए 'जीरो टैक्स' की सौगात

सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में करीब तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी गई। पहली बार ऐसा हुआ है जब नगर निगम ने दृष्टिबाधित और 80% तक दिव्यांगता वाले भवनस्वामियों को गृह कर (House Tax), जल कर (Water Tax) और सीवर कर से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। हालांकि, इस छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित भवनस्वामी को अपना आधिकारिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र नगर निगम कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

सामान्य करदाताओं के लिए भी 'छूट' का पिटारा खुला

नगर निगम ने केवल दिव्यांगों को ही नहीं, बल्कि सामान्य नागरिकों को भी राहत दी है। कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार, जो भवनस्वामी 15 मई से 15 जुलाई के बीच अपना गृहकर और सीवरकर जमा करेंगे, उन्हें 10 प्रतिशत की सीधी छूट दी जाएगी। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने ऐलान किया है कि यदि यह टैक्स ऑनलाइन माध्यम से जमा किया जाता है, तो छूट का दायरा बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगा।

व्यापारियों को लाइसेंस शुल्क में 10% की राहत

वाराणसी के व्यापारियों के लिए भी बैठक में राहत भरी खबर निकलकर आई है। नगर निगम ने व्यापारियों के लाइसेंस शुल्क में 10 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। लंबे समय से व्यापारी संगठन इस तरह की राहत की मांग कर रहे थे। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि निगम का उद्देश्य जनता पर बोझ कम करना और सेवाओं को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाना है।

काशी में संवेदनशीलता की नई मिसाल

वाराणसी नगर निगम के इस कदम की चारों ओर सराहना हो रही है। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से उन परिवारों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी जो शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। महापौर ने स्पष्ट किया कि टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर टैक्स जमा करें और शहर के विकास में अपना योगदान दें। ऑनलाइन छूट बढ़ाकर निगम ने जनता को घर बैठे कर भुगतान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।