Akshaya Navami 2025 : धर्म, आस्था और स्थायी समृद्धि का पावन पर्व
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-28 17:44:00
India News Live,Digital Desk : अक्षय नवमी का दिन हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। यह तिथि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, धर्म और स्थायी समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य “अक्षय” यानी कभी खत्म न होने वाला फल देता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने इसी दिन आंवले के वृक्ष में निवास किया था, इसलिए इस दिन आंवले की पूजा करना और उसके नीचे भोजन करना अत्यंत शुभ माना गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में शांति, सुख और धन-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। यही कारण है कि अक्षय नवमी को पुण्य अर्जन और आध्यात्मिक उत्थान का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।
अक्षय नवमी पर शुभ खरीदारी: क्या खरीदें
अक्षय नवमी को शुभ कार्यों का दिन कहा गया है। इस दिन की गई हर अच्छी क्रिया को अक्षय फल देने वाला माना जाता है। इसलिए कई लोग इस अवसर पर कुछ चीजें खरीदना शुभ समझते हैं।
- सोना, चांदी, तांबा और पीतल जैसी धातुएं इस दिन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है।
- आंवले का पौधा लगाना या उसके वृक्ष की पूजा करना विशेष पुण्यदायी होता है।
- दीपक, पूजा के पात्र, कलश, तुलसी का पौधा या धार्मिक वस्तुएं खरीदना भी मंगलकारी माना गया है।
- नई वस्तुएं खरीदते समय अगर मन में दान और धर्म की भावना रखी जाए, तो उसका फल और भी श्रेष्ठ माना जाता है।
अक्षय नवमी पर क्या न खरीदें
अक्षय नवमी जैसे पवित्र दिन पर कुछ चीजों से बचना भी जरूरी है।
- इस दिन दिखावे या विलासिता की वस्तुएं जैसे फैशन आभूषण या महंगे कपड़े खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
- कर्ज लेकर खरीदारी करना इस तिथि पर अशुभ फल दे सकता है।
- अनावश्यक खर्च या भौतिक वस्तुओं की अति से दूर रहना ही बुद्धिमानी है।
यह दिन हमें यह सिखाता है कि सच्ची समृद्धि धन से नहीं, बल्कि सत्कर्म, संयम और श्रद्धा से प्राप्त होती है। अक्षय नवमी इसी का प्रतीक है — जहां हर शुभ कर्म स्थायी फल देता है।