अखिलेश का डिप्टी सीएम पर बड़ा हमला 'जमाखोरी और कालाबाजारी कर रहे हैं भाजपाई'

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में गहराते एलपीजी (LPG) संकट ने अब एक तीखे राजनीतिक युद्ध का रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच जुबानी तीर चल रहे हैं। गैस की किल्लत और लंबी कतारों को लेकर शुरू हुई यह बहस अब निजी हमलों और 'अंडरग्राउंड गोदामों' के दावों तक जा पहुंची है। अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि प्रदेश में हो रही गैस की कालाबाजारी के पीछे सत्ताधारी दल के लोग ही शामिल हैं।

डिप्टी सीएम का 'ऑफर' और अखिलेश का 'पलटवार'

विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने गैस संकट का जिक्र करते हुए सांकेतिक रूप से अपने घर में 'मिट्टी के चूल्हे' बनवाने की बात कही थी। इस पर तंज कसते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि "जिसके घर में सिलिंडर न हो, वह हमारे पास सूचना भेज दे, हम सिलिंडर भिजवा देंगे।"

इस बयान पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने शुक्रवार को जारी एक कड़े बयान में कहा, "डिप्टी सीएम के इस बयान से साफ हो गया है कि सिलिंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी भाजपाई ही कर रहे हैं। अगर उनके पास सिलिंडर बांटने की इतनी ही क्षमता है, तो वह अपना फोन नंबर और अपने उन 'अंडरग्राउंड गोदामों' का पता सार्वजनिक कर दें जहां उन्होंने स्टॉक छिपा रखा है।"

'आपदा में अवसर' की क्रोनोलॉजी: अखिलेश ने समझाया गणित

अखिलेश यादव ने भाजपा के प्रसिद्ध नारे 'आपदा में अवसर' पर कटाक्ष करते हुए गैस संकट के पीछे की कथित 'क्रोनोलॉजी' समझाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले कृत्रिम संकट पैदा करती है, फिर भय का माहौल बनाकर लंबी लाइनें लगवाती है और अंत में पिछले दरवाजे से ऊंचे दामों पर सप्लाई करवाकर बेतहाशा मुनाफा कमाती है। सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाले भाजपाई अब जनता की मदद के लिए सड़कों पर क्यों नहीं दिख रहे हैं?

'स्टूल' और 'पट्टे' पर तंज: कहाँ गायब हैं भाजपा कार्यकर्ता?

सपा अध्यक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए पूछा, "गैस और तेल की लाइनों में लगे परेशान लोगों की मदद के लिए भाजपाई गले में पट्टा और गाड़ियों पर झंडा लगाकर क्यों नहीं निकल रहे? वे 'स्टूल' लगाकर गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों के बाहर क्यों नहीं बैठ जाते ताकि जनता को राहत मिले?" अखिलेश ने दावा किया कि संकट के समय भाजपा के कार्यकर्ता हमेशा की तरह 'भूमिगत' हो गए हैं और केवल बयानबाजी तक सीमित हैं।