'हम तानाशाहों का साथ नहीं देते': ट्रंप-पुतिन की नजदीकियों पर अमेरिकी राजनयिकों में बगावत, कीव से इस्तीफों की झड़ी
India News Live,Digital Desk : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस समर्थक नीतियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी कथित करीबी ने अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) के भीतर एक बड़े विद्रोह की स्थिति पैदा कर दी है। यूक्रेन में अमेरिका की पूर्व राजदूत ब्रिजेट ब्रिंक के कड़े बयानों के बाद अब खबर है कि वर्तमान कार्यकारी राजदूत जूली डेविस भी राष्ट्रपति की नीतियों से असंतुष्ट होकर पद छोड़ सकती हैं।
ब्रिजेट ब्रिंक का खुला आरोप: 'पुतिन एक तानाशाह हैं'
यूक्रेन में साल 2022 से 2025 तक राजदूत रहीं ब्रिजेट ब्रिंक ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए ट्रंप प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा:
तानाशाह का समर्थन: ब्रिंक के अनुसार, जब ट्रंप ने लोकतांत्रिक सहयोगियों (यूक्रेन) को दरकिनार कर पुतिन जैसे 'तानाशाह' का पक्ष लेना शुरू किया, तो उनके लिए पद पर बने रहना असंभव हो गया।
सिद्धांतों की लड़ाई: उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी मूल्यों में तानाशाहों का साथ देना शामिल नहीं है, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देकर इस नीति के खिलाफ बोलने और चुनाव लड़ने का फैसला किया।
जूली डेविस के जाने की अटकलें: ट्रंप की नीतियों से 'निराशा'
ब्रिंक के बाद मई 2025 में कार्यभार संभालने वाली जूली डेविस के बारे में भी खबरें आ रही हैं कि वे जल्द ही रिटायर हो सकती हैं।
मतभेदों की वजह: रिपोर्ट्स (फाइनेंशियल टाइम्स) के मुताबिक, यूक्रेन के प्रति ट्रंप के कम होते समर्थन और युद्ध के लिए यूक्रेन को ही जिम्मेदार ठहराने वाले बयानों से डेविस काफी निराश हैं।
रिटायरमेंट का समय: हालांकि विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इन मतभेदों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि डेविस जून 2026 में अपनी आधिकारिक रिटायरमेंट तक ट्रंप की नीतियों को आगे बढ़ाना जारी रखेंगी और वे शांति प्रयासों की समर्थक हैं।
ट्रंप-जेलेंस्की संबंधों में दरार
जनवरी 2025 में सत्ता संभालने के बाद से ही राष्ट्रपति ट्रंप का रुख यूक्रेन के प्रति सख्त रहा है।
युद्ध का जिम्मेदार: ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर रूसी हमले के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की को ही जिम्मेदार बताया है।
शांति प्रयास बनाम दबाव: ट्रंप युद्ध खत्म करने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन जेलेंस्की के साथ उनके तनावपूर्ण रिश्ते और पुतिन के साथ 90 मिनट तक चलने वाली फोन कॉल (हालिया चर्चा) ने राजनयिकों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
अमेरिकी विदेश विभाग की सफाई
अमेरिकी विदेश विभाग लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि प्रशासन एकजुट है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जूली डेविस का जाना एक सामान्य सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया है, न कि नीतिगत मतभेद। लेकिन ब्रिजेट ब्रिंक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के सार्वजनिक बयान यह दर्शाते हैं कि 'पेंटागन से कीव' तक ट्रंप की विदेश नीति को लेकर भारी बेचैनी है।