नेशनल हाईवे पर सफर हुआ महंगा: 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी टोल दरें; लखनऊ-रायबरेली रूट समेत कई टोल प्लाजा पर जेब होगी ढीली
India News Live,Digital Desk : अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वार्षिक संशोधन के तहत टोल दरों में बढ़ोतरी का एलान कर दिया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 की आधी रात से प्रभावी हो जाएंगी। इस फैसले का सबसे बड़ा असर लखनऊ से रायबरेली के बीच सफर करने वाले रोजाना के 30,000 से अधिक वाहनों पर पड़ने वाला है। इसके अलावा बाराबंकी और अयोध्या रूट पर भी सफर महंगा हो जाएगा।
इन टोल प्लाजा पर बढ़ेंगे दाम; 5 से 10 रुपये की हुई वृद्धि
एनएचएआई के मुताबिक, लखनऊ-रायबरेली मार्ग के निगोहां (दखिना शेखपुर) टोल के अलावा, बाराबंकी के अहमदपुर टोल, नवाबगंज और रौनाही टोल प्लाजा पर भी नई दरें लागू होंगी। औसतन 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सीतापुर नेशनल हाईवे का प्रबंधन निजी हाथों में होने के कारण वहां की दरें फिलहाल नहीं बदलेंगी; वहां हर साल सितंबर में संशोधन किया जाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी टोल पर कैश पेमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा, केवल फास्टैग (FASTag) के जरिए ही भुगतान होगा।
स्थानीय निवासियों को राहत: 360 रुपये में बनेगा मासिक पास
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए राहत की खबर है। गैर-वाणिज्यिक (Personal) वाहनों के मालिक अब 360 रुपये में मासिक पास बनवा सकेंगे, जिससे वे महीने भर असीमित यात्रा कर पाएंगे। इसके अलावा, 24 घंटे के भीतर वापसी पर 25 प्रतिशत की छूट और महीने में 50 एकल यात्राओं पर 33 प्रतिशत की रियायत का पुराना नियम जारी रहेगा।
नई टोल दरें एक नजर में (संभावित शुल्क):
| वाहन का प्रकार | एकल यात्रा (रु.) | 24 घंटे में वापसी (रु.) |
|---|---|---|
| कार, जीप, वैन | 120 | 180 |
| हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV) | 195 | 295 |
| बस या ट्रक | 410 | 615 |
| 3 धूरी वाले भारी वाहन | 445 | 670 |
| 7 या अधिक धूरी वाले विशाल वाहन | 785 | 1175 |
सुविधा नदारद, वसूली बरकरार: रायबरेली हाईवे पर बढ़ता खतरा
टोल की दरों में बढ़ोतरी के बीच एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। रायबरेली नेशनल हाईवे पर सालों से टोल वसूले जाने के बावजूद डिवाइडर पर बैरिकेडिंग का काम पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते आवारा मवेशी अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क के किनारों पर 'क्रैश बैरियर' जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं की कमी भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है।