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August 23 2026 01:09 am

'यह लॉन्ग टर्म प्लान नहीं हो सकता...': केएल राहुल और शुभमन गिल के बैटिंग ऑर्डर पर आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल, जताई बड़ी चिंता

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भारतीय क्रिकेट टीम के बैटिंग ऑर्डर और खिलाड़ियों की भूमिकाओं को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच लगातार बहस जारी रहती है। इसी कड़ी में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने टीम इंडिया के दो प्रमुख बल्लेबाजों—केएल राहुल और शुभमन गिल की भूमिकाओं व उनके मौजूदा बैटिंग ऑर्डर को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। चोपड़ा का साफ मानना है कि टीम मैनेजमेंट द्वारा इन दोनों खिलाड़ियों के बैटिंग स्लॉट में लगातार किए जा रहे बदलाव किसी भी लिहाज से एक 'लॉन्ग टर्म प्लान' (दीर्घकालिक रणनीति) का हिस्सा नहीं हो सकते। उन्होंने आगाह किया है कि अगर खिलाड़ियों की भूमिका तय नहीं की गई, तो बड़े टूर्नामेंट्स में टीम को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

केएल राहुल का लगातार बदलता बैटिंग स्लॉट और दबाव

केएल राहुल की बहुमुखी प्रतिभा (Versatility) टीम इंडिया के लिए जितनी फायदेमंद रही है, कई बार उनके खुद के करियर के लिए उतनी ही जटिल भी साबित हुई है। राहुल ने टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग से लेकर वनडे में मध्यक्रम और विकेटकीपिंग तक की जिम्मेदारी संभाली है। आकाश चोपड़ा ने अपने विश्लेषण में रेखांकित किया कि राहुल जैसे तकनीकी रूप से सक्षम बल्लेबाज को बार-बार नए क्रम पर उतारना उनके आत्मविश्वास और स्थिरता पर असर डालता है। जब किसी खिलाड़ी को यह स्पष्ट नहीं होता कि आने वाले 1-2 सालों में उसकी वास्तविक बैटिंग पोजिशन क्या होगी, तो वह अपनी रणनीति और मानसिकता को उस हिसाब से ढालने में संघर्ष करता है।

शुभमन गिल के बैटिंग ऑर्डर और ट्रांजिशन पर सवाल

शुभमन गिल को लेकर भी आकाश चोपड़ा ने महत्वपूर्ण बातें रखीं। गिल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत बतौर ओपनर की थी, लेकिन टेस्ट और अन्य प्रारूपों में टीम संतुलन को देखते हुए उन्हें नंबर-3 या मध्यक्रम में आजमाया जा रहा है। चोपड़ा के अनुसार, शीर्ष क्रम में नई गेंद से खेलने और मध्यक्रम में पुरानी गेंद व स्पिन के खिलाफ खेलने की तकनीक व मानसिकता में जमीन-आसमान का अंतर होता है। गिल जैसे युवा और भविष्य के सितारे को लगातार अलग-अलग पोजिशन पर शिफ्ट करना उनके स्वाभाविक आक्रामक खेल को प्रभावित कर सकता है।

'यह लॉन्ग टर्म प्लान नहीं हो सकता' - आकाश चोपड़ा का तर्क

आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल और स्पोर्ट्स शो के दौरान टीम मैनेजमेंट के दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए कहा:

"आप किसी भी बड़े खिलाड़ी के साथ 'म्यूजिकल चेयर' नहीं खेल सकते। केएल राहुल और शुभमन गिल दोनों ही विश्वस्तरीय बल्लेबाज हैं, लेकिन जिस तरह से उनके बैटिंग क्रम को लगातार बदला जा रहा है, यह कोई लॉन्ग टर्म विजन या प्लान नहीं दिखता। यदि आप भविष्य की टेस्ट चैंपियनशिप या वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको खिलाड़ियों को उनकी तय पोजिशन पर लंबे समय तक लगातार मौके देने होंगे।"

स्थिर बैटिंग लाइन-अप और टीम संतुलन की जरूरत

क्रिकेट पंडितों का मानना है कि किसी भी सफल टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्थिर और स्पष्ट बल्लेबाजी क्रम (Settled Batting Order) होती है। जब बल्लेबाजों को अपनी भूमिका, मैच की स्थिति और इनिंग्स बिल्ड-अप करने का तरीका पहले से स्पष्ट होता है, तो वे दबाव में बेहतर फैसले लेते हैं। यदि भारतीय टीम मैनेजमेंट आगामी घरेलू और विदेशी दौरों को ध्यान में रखते हुए राहुल और गिल के बल्लेबाजी क्रम को स्थायी रूप से तय नहीं करता है, तो यह अनिश्चितता मध्यक्रम के संतुलन को बिगाड़ सकती है। अब यह देखना होगा कि आने वाली सीरीज में टीम प्रबंधन आकाश चोपड़ा की इस चिंता पर कितना ध्यान देता है।