नौतपा के बाद राहु के 'आद्रा नक्षत्र' में सूर्य का महागोचर, जानें इस दौरान क्या करना माना जाता है बेहद शुभ
India News Live,Digital Desk : हिंदू संस्कृति और वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव के नक्षत्र परिवर्तन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर जब बात 'आद्रा नक्षत्र' (Ardra Nakshatra) की हो। वर्तमान समय में नौतपा चल रहा है, जो 2 जून को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद सूर्य देव 15 जून को मिथुन राशि में गोचर करेंगे और फिर 22 जून 2026 को राहु के आधिपत्य वाले आद्रा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे।
आद्रा ज्योतिष चक्र का छठा नक्षत्र है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'गीला' या 'नमी' होता है। इस नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह 'आंसू की बूंद' को माना जाता है। सूर्य का आद्रा नक्षत्र में जाना विशेष रूप से बिहार और उत्तर भारत के कई हिस्सों में एक बड़े उत्सव की तरह देखा जाता है, क्योंकि इसी समय से देश में मानसून के आगमन की शुरुआत होती है। आइए जानते हैं कि आद्रा नक्षत्र के गोचर के दौरान क्या परंपराएं निभाई जाती हैं और किन राशियों को इसका बंपर लाभ मिलने वाला है।
क्या होता है जब सूर्य आद्रा नक्षत्र में जाते हैं? जानिए खास परंपराएं
बिहार और उसके आसपास के राज्यों में आद्रा नक्षत्र के आगमन का बहुत ही पारंपरिक और अनूठा महत्व है। जब सूर्य देव राहु के इस नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो धरती माता रजस्वला होती हैं और प्रकृति को तृप्ति मिलती है। इस बेहद शुभ अवसर पर घरों में विशेष पकवान बनाकर आद्रा नक्षत्र का स्वागत किया जाता है:
खीर, पूरी और आम का विशेष भोग: इस दिन हर घर में विशेष रूप से दूध-चावल की स्वादिष्ट खीर, चने की दाल की भरी हुई पुरी (दाल पूरी) और पके हुए आम की थाली सजाई जाती है। इस थाली का सबसे पहले भगवान और कुलदेवता को भोग लगाया जाता है, जिसके बाद पूरा परिवार इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करता है।
इंद्र देव की पूजा और आम खाने की शुरुआत: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अच्छी वर्षा और समृद्ध खेती के लिए देवराज इंद्र को प्रसन्न करने के उद्देश्य से इस भोग की परंपरा शुरू हुई थी। पारंपरिक रूप से इस दिन के बाद से ही घरों में आम खाने की शुरुआत को बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना करने से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती।
आद्रा नक्षत्र के स्वामी राहु का प्रभाव
आद्रा नक्षत्र के स्वामी मायावी ग्रह राहु हैं और इसके देवता संहार के देव 'भगवान रुद्र' (शिव जी का उग्र रूप) हैं। सूर्य जब राहु के नक्षत्र में जाते हैं, तो यह समय जीवन में कुछ परेशानियां और उथल-पुथल भी लेकर आता है, लेकिन साथ ही यह आध्यात्मिक सुख और मानसिक मजबूती भी प्रदान करता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग अपने इमोशंस (भावनाओं) को लेकर बेहद सजग होते हैं और अपनी बात को दूसरों के सामने खुलकर जाहिर करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।
सूर्य के इस गोचर से इन 3 राशियों को मिलेगा 'राजयोग' जैसा लाभ
22 जून को होने वाले सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन से मेष से लेकर मीन तक सभी राशियां प्रभावित होंगी, लेकिन 3 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं जिनके लिए करियर और धन के मामले में 'सोने पर सुहागा' समय शुरू होने वाला है:
1. सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के स्वामी खुद सूर्य देव हैं, इसलिए आद्रा नक्षत्र का यह गोचर आपके लिए भाग्य के नए द्वार खोलने वाला है। नौकरी और व्यापार में आपके लिए बेहतरीन योग बन रहे हैं। यदि आपके कुछ पुराने प्रोजेक्ट या डील्स लंबे समय से लटके हुए थे, तो वे अब अचानक आपके लिए भारी मुनाफे का जरिया बनकर सामने आएंगे। कार्यक्षेत्र में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।
2. कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर में ऊंची उड़ान भरने का समय है। आप इस दौरान जो भी रणनीतियां या नीतियां बनाएंगे, वे भविष्य के लिए एक मजबूत जमीन तैयार करेंगी। आपकी मेहनत का आपको पूरा फल मिलेगा। धन लाभ के नए अवसर सामने आएंगे और आर्थिक स्थिति में पहले से काफी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
3. धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के जातकों के भीतर इस गोचर के प्रभाव से एक नया आत्मविश्वास और अद्भुत ऊर्जा देखने को मिलेगी। आपके जो भी सरकारी काम या कानूनी मामले लंबे समय से बिगड़े हुए थे, उनमें अब सरकारी अधिकारियों और वरिष्ठों का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे वे काम पूरे हो जाएंगे। आपके द्वारा लिए गए निर्णय सटीक और लाभकारी साबित होंगे।
गोचर काल के दौरान बरतें ये सावधानियां
चूंकि आद्रा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए इस अवधि में जातकों को अपने स्वभाव में थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। सूर्य और राहु के इस संबंध के कारण मन में अचानक गुस्सा, भ्रम या असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। इस नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए सूर्य देव को नियमित रूप से तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं और भगवान शिव की आराधना के रूप में 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से राहु का अशुभ प्रभाव शांत होता है और सूर्य देव का दिव्य तेज आपके जीवन को चमका देता है।