लखनऊ विकास प्राधिकरण में फर्जी रजिस्ट्री का बड़ा मामला, 23 लोग आरोपी
India News Live,Digital Desk : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में रजिस्ट्री हेरफेर का एक बड़ा मामला सामने आया है। अधिकारियों और कुछ दलालों की मिलीभगत से सात भूखंडों की रजिस्ट्री फर्जी अभिलेखों के आधार पर दूसरे नामों पर कर दी गई।
2001 में हुए इस फर्जीवाड़े की शिकायत पर सब रजिस्ट्रार द्वितीय की जांच के बाद, वजीरगंज पुलिस ने गुरुवार को सात एलडीए अफसरों सहित कुल 23 लोगों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया।
आरोपी और मामले का विवरण
मुकदमे में शामिल लोग एलडीए के तत्कालीन संपत्ति अधिकारी और अनुभाग अधिकारी हैं। इस मामले में एलडीए अधिकारियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई हो चुकी है।
जाँच रिपोर्ट के अनुसार, उपनिबंधक द्वितीय सदर प्रभाष सिंह ने वजीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी। रिपोर्ट में बताया गया कि विकल्प खंड, विक्रांत खंड, विनीत खंड, विभवखंड और विनम्रखंड जैसी पाश कालोनी में करीब 14,888 वर्ग फीट जमीन की रजिस्ट्री में छेड़छाड़ की गई थी।
इन भूखंडों की वर्तमान कीमत बीस करोड़ रुपये से अधिक है। जांच में यह पाया गया कि रजिस्ट्री संख्या 7398/2001, 7399/2001, 7412/2001, 7414/2001, 7417/2001, 7425/2001, 7426/2001 में अभिलेखों में कूटरचना कर नाम बदल दिए गए थे।
असल में भूखंडों के वास्तविक मालिकों के नाम हटाकर उनकी जगह दूसरे के नाम दर्ज कर दिए गए। यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब गोमतीनगर पुलिस ने एक रजिस्ट्री सत्यापन मामले में सब रजिस्ट्रार द्वितीय कार्यालय से जांच कराई।
एफआईआर में नामित लोग
एलडीए के अधिकारियों में शामिल हैं:
प्रभारी संपत्ति अधिकारी: अनीता श्रीवास्तव, केके सिंह
अनुभाग अधिकारी: एसडी दोहरे, अनूप शुक्ला, संतोष मुर्डिया, एबी तिवारी, आरके मिश्रा, विद्यासागर
एलडीए से बाहर के अरोपित हैं:
इंदिरानगर के शमशुल हसन
पाटानाला बजाजा नक्खास के सरफराज अहमद
छितवापुर वाराणसी की सत्यभामा देवी
महानगर सेक्टर-सी के राजकिशोर, कानपुर बर्रा के एसी वैश्य, उन्नाव अजगैन के नीरज कुमार गुप्ता
जानकीपुरम सेक्टर-एफ की मंजू श्रीवास्तव, अलीगंज सेक्टर-जी के महेश कुमार
प्रकाशपुरम नई बस्ती भदेवा के सुकांत घोष
राजाजीपुरम के हरिनाम शर्मा, निजामपुर मल्हौर के प्रदीप कुमार जायसवाल
बाराबंकी सतरिख उमरा खास के शीतला प्रसाद वर्मा
सिधौली सीतापुर स्टेशन रोड के अशुतोष कुमार वाजपेयी
सीतापुर ढकबा अटरिया के मोहन लाल पांडेय
वजीरगंज इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि निबंधन कार्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।