Magh Mela 2026: प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार की बड़ी तैयारी

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India News Live,Digital Desk : महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन के बाद अब योगी सरकार ने प्रयागराज में होने वाले माघ मेला 2026 की तैयारियों को तेज कर दिया है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि संगम आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने माघ मेले के दौरान 336 अतिरिक्त बसों के संचालन की योजना बनाई है। ये बसें वाराणसी परिक्षेत्र के आठ जिलों से चलाई जाएंगी। इनमें सामान्य बसों के साथ-साथ जनरथ एसी बसें भी शामिल होंगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु आरामदायक यात्रा कर सकें।

पूर्वांचल से प्रयागराज तक आसान सफर

योगी सरकार पहले से ही बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देती रही है। माघ मेले को लेकर भी यही रणनीति अपनाई जा रही है।

वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए बसों का संचालन तीन चरणों में किया जाएगा। इसके साथ ही 50 बसें रिजर्व में रखी जाएंगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सेवा बढ़ाई जा सके।

कैंट और काशी डिपो से 3-3 जनरथ एसी बसें भी चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

तीन चरणों में बसों का संचालन

माघ मेले के दौरान बसों की संख्या समय के अनुसार तय की गई है—

पहला चरण: 1 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक – 215 बसें

दूसरा चरण: 14 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक – 330 बसें

तीसरा चरण: 31 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक – 215 बसें

रूटवार बस व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जिलों से झूसी और अरैल तक सीधी बसें चलाई जाएंगी।

मछली शहर – झूसी

सुजानगंज – झूसी

जौनपुर – झूसी

बदलापुर – झूसी

ज्ञानपुर – झूसी

वाराणसी – झूसी

भदोही – झूसी

गाजीपुर – झूसी

चंदौली – झूसी

रेनूकोट – राबर्ट्सगंज – अरैल

इन सभी मार्गों पर चरणवार बसों की संख्या तय की गई है ताकि भीड़ को संतुलित किया जा सके और श्रद्धालु समय पर संगम पहुंच सकें।

श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की प्राथमिकता

सरकार का प्रयास है कि माघ मेले के दौरान प्रयागराज आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा कर सकें। परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासन स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।