सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट आवेदन फीस; री-इश्यू और तत्काल सेवा के लिए भी अब ढीली करनी होगी ज्यादा जेब, जानें नए रेट्स
यदि आप भी नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं या अपने पुराने पासपोर्ट को रिन्यू (री-इश्यू) कराने की तैयारी में हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट से जुड़ी विभिन्न सेवाओं की आवेदन फीस में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। विदेश मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, नए नियम 1 जुलाई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में विदेश मंत्रालय के 'पासपोर्ट सिर्फ एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का प्रमाण नहीं' वाले बयान पर पहले से ही सियासी घमासान मचा हुआ है।
क्यों बढ़ाई गई फीस? सरकार ने दी जानकारी
मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, सरकार ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 'पासपोर्ट नियम' में यह महत्वपूर्ण संशोधन किया है। 1 जुलाई के बाद से नॉर्मल और तत्काल दोनों ही श्रेणियों में पासपोर्ट बनवाना काफी महंगा हो जाएगा।
अब 36 और 60 पेज के पासपोर्ट के लिए देने होंगे इतने पैसे
नए नियमों के लागू होने के बाद 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के आवेदकों को मिलने वाले पासपोर्ट की फीस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव दिखेगा:
36 पेज का पासपोर्ट (सामान्य श्रेणी): अब आपको इसके लिए 2,500 रुपये चुकाने होंगे (पहले यह फीस 1,500 रुपये थी)। 15 से 18 साल के वे आवेदक जो री-इश्यू कराना चाहते हैं, उन्हें भी अब 2,500 रुपये ही देने होंगे।
60 पेज का पासपोर्ट (जंबो बुकलेट): इसके लिए सामान्य श्रेणी में आवेदन फीस बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दी गई है (पहले यह 2,000 रुपये थी)।
60 पेज का पासपोर्ट (तत्काल श्रेणी): यदि आपको जल्दी में 60 पन्नों का पासपोर्ट चाहिए, तो तत्काल का शुल्क अब 5,000 रुपये होगा (पहले यह 4,000 रुपये था)।
पासपोर्ट खोने या खराब होने पर लगेगा तगड़ा जुर्माना
अगर आपका पासपोर्ट कहीं गुम हो जाता है या फट जाता है (क्षतिग्रस्त), तो उसे दोबारा प्राप्त करने के लिए आपको पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे:
36 पेज का पासपोर्ट रीप्लेसमेंट: सामान्य श्रेणी में 5,000 रुपये और तत्काल श्रेणी में 7,500 रुपये की फीस तय की गई है।
60 पेज का पासपोर्ट रीप्लेसमेंट: सामान्य श्रेणी में 6,000 रुपये और तत्काल श्रेणी में 8,500 रुपये देने होंगे।
नाबालिग बच्चों के पासपोर्ट की फीस भी बढ़ी
सरकार ने छोटे बच्चों और नाबालिगों के पासपोर्ट नियमों में भी बदलाव किया है:
नया पासपोर्ट (36 पेज) बनवाने के लिए सामान्य श्रेणी में 1,750 रुपये और तत्काल के लिए 4,250 रुपये लगेंगे।
बच्चों का पासपोर्ट खोने या डैमेज होने की स्थिति में सामान्य रूप से री-इश्यू कराने की फीस 4,250 रुपये और तत्काल के लिए 6,750 रुपये कर दी गई है।
पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) भी हुआ महंगा
विदेश जाने के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज माने जाने वाले पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम जैसी अनिवार्य सेवाओं के रेट्स भी बढ़ा दिए गए हैं। पहले इन सभी सर्विसेज के लिए केवल 500 रुपये की फीस लगती थी, जिसे अब बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया गया है।
पासपोर्ट की वैधता (Validity) में कोई बदलाव नहीं
भले ही सरकार ने आपकी जेब पर बोझ बढ़ा दिया हो, लेकिन पासपोर्ट की वैलिडिटी के नियमों को पहले जैसा ही रखा गया है। 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए पासपोर्ट की वैधता 10 साल तक ही बनी रहेगी। वहीं, नाबालिग बच्चों के मामले में यह नियम उनके 18 साल के होने तक या फिर अधिकतम 5 साल तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगा।