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August 06 2026 07:35 pm

'ताबूतों की लाइन लगा देंगे...' : जमीन पर अमेरिकी सेना की तैनाती की खबर से भड़का ईरान, डोनाल्ड ट्रंप को दी खून बहाने की सीधी धमकी

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India News Live,Digital Desk : मिडिल ईस्ट में सुलग रही बारूद की ढेर अब धमाके के चरम पर पहुंच गई है। सुप्रीम लीडर खामनेई के निधन के बाद ईरान ने जो तेवर अपनाए हैं, उसने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं। ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को ललकारते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी जमीनी सेना ने कदम भी बढ़ाया, तो उन्हें वापस भेजने के लिए ताबूत कम पड़ जाएंगे।

खौफनाक चेतावनी: 'अमेरिका को वापस भेजेंगे हजारों ताबूत'

दक्षिण कोरिया में तैनात ईरान के राजदूत सईद कूजेची ने एक संवाददाता सम्मेलन में जो बयान दिया, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। कूजेची ने दो टूक शब्दों में कहा, "अगर अमेरिका ने जमीनी सेना तैनात करने की हिमाकत की, तो हम उनके सैनिकों के शवों से भरे ताबूतों की लाइन लगा देंगे।" ईरान ने उन खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, ईरान का कहना है कि उन पर हमला करना अब अपरिहार्य हो गया है।

अयातुल्ला की अपील- 'बहाओ ट्रंप और इजरायलियों का खून'

ईरानी सरकारी टेलीविजन पर गुरुवार को अयातुल्ला अब्दुल्ला जवादी अमोली का एक बेहद भड़काऊ संदेश प्रसारित किया गया। इस संदेश में इजरायली नागरिकों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हिंसा का आह्वान करते हुए 'खून बहाने' की बात कही गई है। अमोली ने कहा, "हम एक बड़ी परीक्षा के मुहाने पर खड़े हैं। उस दौर के इमाम कहते हैं कि दमनकारी अमेरिका से लड़ो, उसका खून मेरे कंधों पर है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों का सामना कर रहा है।

इजरायल के दिमोना न्यूक्लियर प्लांट पर हमले का खतरा

ईरान ने केवल अमेरिका को ही नहीं, बल्कि इजरायल को भी विनाश की धमकी दी है। एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ISNA को बताया कि यदि इजरायल और अमेरिका ने ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) की कोशिश की, तो ईरान सीधे इजरायल के दिमोना परमाणु संयंत्र को निशाना बनाएगा। अगर ऐसा होता है, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए एक परमाणु त्रासदी बन सकता है।

समुद्र में बढ़ता तनाव: अमेरिकी टैंकर में लगी आग

जमीनी और हवाई जंग के साथ-साथ अब समंदर भी सुलगने लगा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने खाड़ी के उत्तरी हिस्से में एक अमेरिकी टैंकर को निशाना बनाया है, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई। ईरान का कहना है कि युद्ध की स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से उनके नियंत्रण में रहेगा। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इससे पहले, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरानी जहाज 'डेना' पर हुए टॉरपीडो हमले का बदला लेने की बात कही थी, जिसमें चालक दल के कई सदस्यों की जान चली गई थी। मिडिल ईस्ट में हालात अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहाँ एक छोटी सी चिंगारी भी तीसरे विश्व युद्ध का सबब बन सकती है।