पत्नी को नशीली दवा देकर 50 से अधिक पुरुषों से कराया रेप: 20 साल तक दरिंदगी करने वाले पति को 20 साल की जेल
फ्रांस की एक आपराधिक अदालत ने आधुनिक इतिहास के सबसे जघन्य, रोंगटे खड़े कर देने वाले और वीभत्स मामलों में से एक में ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। अपनी ही पत्नी को लगभग एक दशक (2011 से 2020) तक खाने और शराब में भारी मात्रा में नींद व नशीली दवाइयां देकर अजनबियों को बुलाकर दुष्कर्म कराने वाले 71 वर्षीय डोमिनिक पेलिकॉट (Dominique Pelicot) को अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। फ्रांसीसी आपराधिक कानून के तहत दुष्कर्म और यौन हिंसा के मामलों में यह अधिकतम संभव सजा है।
इसके साथ ही, अदालत ने इस घिनौने अपराध में शामिल 50 अन्य सह-आरोपियों में से 49 को भी दोषी ठहराते हुए 3 से 15 साल तक की जेल की सजा सुनाई है। इस पूरे मुकदमे के दौरान 72 वर्षीय पीड़िता गिजेल पेलिकॉट (Gisèle Pelicot) ने जिस अदम्य साहस और दृढ़ता का परिचय दिया, उसने उन्हें दुनिया भर में यौन हिंसा के खिलाफ लड़ाई और नारी अस्मिता का वैश्विक प्रतीक बना दिया है।
2011 से 2020: एक दशक तक घर में चलता रहा खौफनाक खेल
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब आरोपी डोमिनिक पेलिकॉट ने इंटरनेट के कुख्यात और गुप्त चैटरूम्स (जैसे Coco.fr) पर 'उसकी जानकारी के बिना' (Without Her Knowledge) शीर्षक से एक समूह बनाया। आरोपी अपनी पत्नी गिजेल के खाने, सूप या शराब में शक्तिशाली एनेस्थेटिक और एंटी-एंजाइटी दवाएं (जैसे लोरैजेपाम) मिला देता था।
दवाइयों के भारी असर के कारण गिजेल गहरी बेहोशी और सुप्तावस्था में चली जाती थीं। इसके बाद डोमिनिक इंटरनेट के जरिए अजनबियों को अपने घर बुलाता था और अपनी बेहोश पत्नी के साथ दुष्कर्म करवाता था।
इस घिनौने कृत्य के लिए आरोपी ने बेहद सख्त नियम बना रखे थे:
आने वाले पुरुषों को निर्देश दिया जाता था कि वे कोई परफ्यूम या आफ्टरशेव न लगाएं ताकि गिजेल को गंध का अहसास न हो।
शरीर का तापमान गिजेल के शरीर से मेल खाने के लिए उन्हें पहले अपने हाथ गर्म पानी में धोने होते थे।
कमरे में कोई रोशनी नहीं होती थी और आहट होने पर तुरंत रुकना पड़ता था।
डोमिनिक खुद कोने में बैठकर इस पूरी दरिंदगी की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करता था।
सुपरमार्केट में महिलाओं की अश्लील वीडियो बनाते पकड़ा गया था आरोपी
इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किसी जासूसी या शिकायत से नहीं, बल्कि एक आकस्मिक घटना से हुआ। सितंबर 2020 में डोमिनिक पेलिकॉट को फ्रांस के एक स्थानीय सुपरमार्केट में सुरक्षा गार्डों ने महिलाओं के स्कर्ट के नीचे मोबाइल कैमरे से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
पुलिस ने जब आरोपी को हिरासत में लेकर उसके घर पर छापा मारा, तो उसके कंप्यूटर, हार्ड ड्राइव और यूएसबी ड्राइव्स से पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। फोरेंसिक जांच में 20,000 से अधिक तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए, जिन्हें आरोपी ने बाकायदा 'ABUS' (दुर्व्यवहार) नाम के फोल्डर में तारीख और नाम के अनुसार सहेज रखा था। इन वीडियोज में उसकी पत्नी गिजेल पूरी तरह बेसुध हालत में दुष्कर्म का शिकार होती नजर आ रही थीं।
'शर्म का पाला बदलना चाहिए': पीड़िता गिजेल पेलिकॉट का ऐतिहासिक फैसला
जब पुलिस ने गिजेल पेलिकॉट को बुलाकर ये सबूत दिखाए, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 50 साल की शादीशुदा जिंदगी और तीन बच्चों के पिता का यह रूप देखकर उनका पूरा संसार उजड़ गया। गिजेल को वर्षों से लगातार बाल झड़ने, अत्यधिक थकान, अचानक वजन घटने और स्त्री रोग संबंधी संक्रमण की शिकायत रहती थी, जिसे वह किसी दिमागी बीमारी या अल्जाइमर का शुरुआती लक्षण समझकर डॉक्टरों के चक्कर काट रही थीं। उन्हें तनिक भी भनक नहीं थी कि उनका अपना पति उन्हें पिछले 10 वर्षों से धीमा जहर दे रहा था।
फ्रांसीसी कानून के तहत ऐसे संवेदनशील यौन उत्पीड़न मामलों की सुनवाई बंद कमरों (In Camera) में गोपनीय रखने का प्रावधान है। लेकिन गिजेल पेलिकॉट ने दुनिया को चौंकाते हुए अदालत से खुली सुनवाई (Public Trial) की मांग की।
उन्होंने अदालत और मीडिया के सामने ऐतिहासिक बयान देते हुए कहा:
"मैं चाहती हूं कि यह सुनवाई पूरी दुनिया के सामने खुले आम हो, ताकि किसी भी दुष्कर्म पीड़िता को कभी शर्मिंदगी महसूस न करनी पड़े। शर्म का पाला अब बदलना चाहिए—शर्म पीड़ितों को नहीं, बल्कि अपराधियों को आनी चाहिए।"
समाज के तथाकथित 'सभ्य' चेहरों की खुली पोल
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन 50 अन्य पुरुषों पर मुकदमा चला, वे कोई पेशेवर अपराधी नहीं थे। वे समाज के आम और तथाकथित 'प्रतिष्ठित' तबकों से आते थे।
दोषियों की सूची में:
अग्निशामक (Firefighters)
पूर्व पुलिस अधिकारी व सुरक्षाकर्मी
आईटी प्रोफेशनल्स और सॉफ्टवेयर इंजीनियर
इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और ट्रक ड्राइवर
स्थानीय व्यापारी और रिटायर्ड कर्मचारी शामिल थे।
इन सभी की उम्र 26 से 74 वर्ष के बीच थी। इनमें से अधिकांश ने अदालत में यह खोखला तर्क देने की कोशिश की कि उन्हें लगा था कि यह पति-पत्नी के बीच की कोई 'फंतासी' (Fantasy Game) है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि एक पूरी तरह बेहोश और खर्राटे ले रही बेसुध महिला कभी किसी यौन क्रिया के लिए सहमति (Consent) नहीं दे सकती।
अदालत का फैसला और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
फ्रांस के एविग्नन (Avignon) की अदालत ने मुख्य आरोपी डोमिनिक पेलिकॉट को दुष्कर्म, दुष्कर्म के लिए उकसाने और निजता के गंभीर उल्लंघन का मुख्य दोषी पाते हुए 20 साल की अधिकतम जेल की सजा सुनाई। अन्य 49 दोषियों को भी उनके अपराध की गंभीरता के आधार पर 3 से 15 साल की कैद की सजा दी गई।
इस फैसले के बाद फ्रांस समेत पूरे यूरोप में सहमति (Consent) के कानूनी अर्थ और 'केमिकल सबमिशन' (दवा देकर अपराध करना) के खिलाफ कड़े कानूनों की मांग ने जोर पकड़ लिया है। गिजेल पेलिकॉट के इस साहसिक कदम ने वैश्विक स्तर पर यौन हिंसा के खिलाफ एक नई क्रांति को जन्म दिया है, जिसने साबित कर दिया कि सच को उजागर करने का साहस किसी भी अंधेरे को चीर सकता है।