यूपी को नफरत की राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे'; सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद ध्वस्तीकरण पर बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार तड़के प्रशासनिक बुलडोजर चलाकर मस्जिद का ढांचा ढहाए जाने के मामले में अब कांग्रेस नेतृत्व ने भी सीधे मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बाद अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इस कार्रवाई को 'अत्यंत हृदयविदारक और शर्मनाक' करार दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी अपने आधिकारिक बयान में अजय राय ने प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश भाईचारे, न्याय और सामाजिक सद्भाव की धरती है और कांग्रेस इसे किसी भी सूरत में 'नफरत और विभाजन की राजनीति का अखाड़ा' नहीं बनने देगी।
1911 के ऐतिहासिक ढांचे का हवाला: सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का आरोप
अजय राय ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ऐतिहासिक वजूद को रेखांकित करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठाए:
1911 में बनी मस्जिद पर बुलडोजर: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर वर्ष 1911 से मौजूद इस ऐतिहासिक इबादतगाह को आनन-फानन में जमींदोज करने की खबर बेहद पीड़ादायक और विचलित करने वाली है।
सामाजिक सद्भाव पर चोट: उन्होंने कहा कि नफरत और बंटवारे की राजनीति से कभी कोई समाज मजबूत नहीं होता, बल्कि यह आपसी भाईचारे और सौहार्द को खोखला करती है।
हर धर्म और नागरिक को न्याय की गारंटी: अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट और दृढ़ विश्वास है कि उत्तर प्रदेश के हर धर्म, हर वर्ग, हर समुदाय और हर आम नागरिक के साथ पूर्ण न्याय होना चाहिए।
'धार्मिक इमारतें गिरा सकते हैं, पर लोकतंत्र की आवाज नहीं दबा सकते': अजय राय
भाजपा सरकार की 'बुलडोजर नीति' पर कड़ा प्रहार करते हुए यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार को संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की याद दिलाई:
अधिकारों को कुचलने का आरोप: अजय राय ने दो-टूक कहा, "भाजपा सरकार को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि बुलडोजर चलाकर आप ईंट-गारे से बनी धार्मिक इमारतों को तो ढहा सकते हैं, लेकिन इस देश के लोकतंत्र की आवाज और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कभी नहीं दबा सकते। कानून का राज भय और आतंक से नहीं, बल्कि निष्पक्षता और न्याय से चलता है।"
आनन-फानन में हुई कार्रवाई पर सवाल: उन्होंने कहा कि जब मामला अदालत के विचाराधीन था और पक्षकारों के पास आगे की विधिक अपील का विकल्प खुला था, तब रात के अंधेरे में फोर्स तैनात कर शनिवार तड़के ही बुलडोजर चलाना यह दर्शाता है कि सरकार निष्पक्ष विधिक प्रक्रिया का पालन नहीं करना चाहती।
स्थानीय सांसद इमरान मसूद के समर्थन में उतरी कांग्रेस
अजय राय का यह बयान उस समय आया है जब सहारनपुर से कांग्रेस के स्थानीय सांसद इमरान मसूद पहले ही इस कार्रवाई को 'संविधान को रौंदना' करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान कर चुके हैं।
कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय स्तर पर कैराना सपा सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से पहले नजरबंद (House Arrest) किए जाने और जनप्रतिनिधियों को मौके पर जाने से रोके जाने को भी तानाशाही रवैया करार दिया है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन अपनी ज्यादतियों पर पर्दा डालने के लिए जनप्रतिनिधियों की आवाज को पुलिसिया ताकत के दम पर दबाने की कोशिश कर रहा है।
विपक्ष की साझा घेराबंदी: भाजपा सरकार के सामने संवैधानिक सवाल
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट मस्जिद के ध्वस्तीकरण ने उत्तर प्रदेश में पूरे विपक्षी खेमे को एकजुट कर दिया है:
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सनातन के मूल्यों का हवाला देकर दूसरों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर प्रहार किया।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध बताकर गिराने के सरकारी अभियान को तत्काल रोकने की मांग की।
ओवैसी ने मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
अब कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के इस कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल एक स्थानीय अतिक्रमण का मामला नहीं, बल्कि भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति और संवैधानिक अधिकारों पर सीधे हमले के रूप में पेश करेगी।
सहारनपुर शहर में भारी पुलिस और पीएसी की तैनाती के बीच अजय राय के इस बयान ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है।