BREAKING:
September 05 2026 08:22 pm

सीएम योगी से झट से ले लिया खिलौना, चॉकलेट पाकर खिलखिलाए मासूम; गोरखनाथ मंदिर में सुबह-सुबह ‘बच्चा पार्टी’ की मौज

Post

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी अपने गृह क्षेत्र गोरखपुर प्रवास पर होते हैं, तो उनका एक बेहद आत्मीय और वात्सल्य भरा रूप हमेशा देखने को मिलता है। शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर जनता दर्शन का नजारा उस वक्त बेहद खुशनुमा हो गया, जब गंभीर प्रशासनिक और कानूनी समस्याओं को लेकर पहुंचे फरियादियों की भीड़ के बीच मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान उनके साथ आए नन्हे-मुन्ने बच्चों पर टिक गया।

प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा घेरे के बीच गंभीर मुद्रा में लोगों की समस्याएं सुन रहे मुख्यमंत्री जैसे ही बच्चों के पास पहुंचे, उनके चेहरे पर सहज मुस्कान बिखर गई। सीएम योगी ने न केवल बच्चों को दुलारा और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया, बल्कि पास खड़े सुरक्षा कर्मियों से खिलौने और चॉकलेट के पैकेट मंगवाकर अपने हाथों से बच्चों में बांटे। एक मासूम ने तो मुख्यमंत्री के हाथ बढ़ाते ही झट से खिलौना अपनी गोद में समेट लिया, जिसे देखकर खुद सीएम योगी ठहाका लगाकर हंस पड़े और वहां मौजूद पूरा माहौल हल्का और खुशनुमा हो गया।

चॉकलेट हाथ में आते ही खिलखिलाए चेहरे: सीएम ने पूछा- 'स्कूल जाते हो या केवल मस्ती?'

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री लगभग आधा दर्जन से अधिक ऐसे परिवारों के पास रुके जो अपनी गोद या उंगली थामे मासूम बच्चों के साथ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बिल्कुल घरेलू अंदाज में संवाद किया:

पढ़ाई और स्कूल की ली खबर: सीएम योगी ने एक चार साल के बच्चे के गाल थपथपाते हुए पूछा—"बेटा, स्कूल जाते हो या सिर्फ घर में बदमाशी करते हो?" बच्चे की तोतली आवाज में "स्कूल जाता हूं" सुनते ही मुख्यमंत्री ने उसे शाबाशी दी और मन लगाकर पढ़ने की सीख दी।

खिलौने और चॉकलेट का उपहार: मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके स्टाफ ने बच्चों के लिए विशेष रूप से रखी गई चॉकलेट्स, टॉफियां और रंग-बिरंगे खिलौने निकाले। सीएम ने एक-एक बच्चे को अपने पास बुलाकर उनके हाथों में चॉकलेट थमाई।

परिजनों को दी ताकीद: बच्चों को दुलारने के साथ ही मुख्यमंत्री ने उनके माता-पिता को सख्त हिदायत दी कि चाहे जो भी परेशानी हो, बच्चों की पढ़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार परिषदीय विद्यालयों में यूनिफॉर्म, किताबें और बैग सब मुफ्त दे रही है, इसलिए बच्चों को नियमित स्कूल भेजें।

जनता दर्शन में सुनीं सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं: अफसरों को त्वरित समाधान के निर्देश

मासूमों के साथ वात्सल्य भरे पलों के बाद मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में दूर-दराज के जिलों से पहुंचे लगभग 300 से अधिक फरियादियों की समस्याएं एक-एक कर सुनीं।

जमीन कब्जे और दबंगई पर सख्त रुख: जनता दर्शन में जमीन पर अवैध कब्जों और पैतृक विवादों से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को दो-टूक निर्देश दिए कि गरीबों और असहायों की जमीन कब्जाने वाले भू-माफियाओं और दबंगों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इलाज के लिए आर्थिक सहायता का भरोसा: गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने आए पीड़ितों से मुख्यमंत्री ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित अस्पतालों से एस्टीमेट बनवाकर शासन को जल्द से जल्द भेजा जाए ताकि मुख्यमंत्री राहत कोष से तुरंत बजट जारी किया जा सके।

पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण: सीएम योगी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फरियादी को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

गोशाला में गोसेवा: कान्हा और नंदी को अपने हाथों से खिलाया गुड़-चना

जनता दर्शन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में गुरु गोरखनाथ की पूजा-अर्चना की और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री मंदिर की गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग आधा घंटा बिताया। मुख्यमंत्री को देखते ही गोवंश दौड़कर उनके पास आ गए। सीएम योगी ने उन्हें उनके नामों—'कान्हा', 'भोला' और 'नंदी' से पुकारते हुए दुलारा और अपने हाथों से उन्हें ताजा चारा, गुड़ और चना खिलाया। गोसेवा के बाद मुख्यमंत्री ने गोशाला के सेवादारों से पशुओं के स्वास्थ्य, टीकारण और स्वच्छता को लेकर जरूरी जानकारी ली।

सीएम योगी का सहज अंदाज: प्रशासन की सख्ती के बीच संवेदना की मिसाल

गोरखनाथ मंदिर में सुबह का यह नजारा प्रशासनिक हलकों में अक्सर चर्चा का विषय रहता है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था और माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' के साथ सख्त प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जनता के बीच उनका यह संवेदनशील, करुणामय और बच्चों के प्रति अगाध स्नेह से भरा रूप यह दर्शाता है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठकर भी वे आम जनता और मासूमों की खुशियों से पूरी तरह जुड़े हुए हैं।