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September 06 2026 01:40 am

छावनी में बदला सहारनपुर कलेक्ट्रेट, मस्जिद पर गरजे आधा दर्जन बुलडोजर; भारी फोर्स तैनात

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उत्तर प्रदेश के संवेदनशील सीमांत जिले सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन पर बनी मस्जिद के खिलाफ प्रशासनिक बुलडोजर कार्रवाई के बाद समूचा प्रशासनिक अमला और सुरक्षा तंत्र 'रेड अलर्ट' मोड पर आ गया है। शनिवार तड़के नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD) और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छह भारी पोकलेन व जेसीबी मशीनों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर मस्जिद का 50 फीसदी से अधिक ढांचा जमींदोज कर दिया।

अचानक और बड़े पैमाने पर शुरू हुई इस विधिक कार्रवाई के बाद किसी भी संभावित विरोध, हंगामे या कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए कलेक्ट्रेट और आसपास के कई किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कोर्ट रोड, दीवानी कचहरी और कमिश्नरी कार्यालय की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर कई लेयर की लोहे की बैरिकेडिंग लगा दी गई है, जहां दंगा रोधी उपकरणों से लैस पुलिस बल तैनात है।

मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा: आरएएफ, पीएसी और 'वज्र' वाहनों का कड़ा पहरा

सहारनपुर जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए हैं:

सशस्त्र बलों का जमावड़ा: कलेक्ट्रेट परिसर और शहर के मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टुकड़ियों के साथ प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की पांच से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं।

अनाधिकृत प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध: कलेक्ट्रेट के सभी मुख्य निकास और प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है। केवल पहचान पत्र जांचने के बाद ही अति-आवश्यक प्रशासनिक कार्यों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को अंदर जाने दिया जा रहा है।

दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन: संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कचहरी तिराहे और कलेक्ट्रेट गेट पर आंसू गैस के गोले दागने वाले दस्ते, वाटर कैनन और 'वज्र' बख्तरबंद वाहनों को स्टैंडबाय मोड में रखा गया है।

ड्रोन कैमरों से छतों की निगरानी: सहारनपुर पुलिस की विशेष तकनीकी टीम ड्रोन कैमरों की मदद से कलेक्ट्रेट के 500 मीटर के दायरे में स्थित इमारतों, संकरी गलियों और छतों की लगातार वीडियोग्राफी कर रही है ताकि कहीं भी पत्थर या संदिग्ध सामग्री जमा न की जा सके।

डीएम और एसएसपी ने संभाला मोर्चा: संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च

कार्रवाई शुरू होने के बाद से ही सहारनपुर के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भारी पुलिस बल के साथ खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और स्थिति का मिनट-टू-मिनट जायजा ले रहे हैं।

अधिकारियों ने शहर के घंटाघर, चौक फव्वारा, अंबाला रोड और जामा मस्जिद के आसपास की गलियों में भारी पुलिस फोर्स के साथ रूट मार्च और फ्लैग मार्च किया। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय धर्मगुरुओं, शांति समिति (Peace Committee) के सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर अपील की है कि वे किसी भी तरह के उकसावे या अफवाह में न आएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अदालत द्वारा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के आदेशों के अनुपालन में की गई है।

साइबर सेल की सोशल मीडिया पर पैनी नजर: भड़काऊ पोस्ट पर दर्ज होंगे मुकदमे

जमीनी मोर्चे के साथ-साथ सहारनपुर पुलिस की सोशल मीडिया सेल और साइबर क्राइम थाना पूरी तरह सक्रिय हैं:

24 घंटे डिजिटल मॉनिटरिंग: व्हाट्सएप ग्रुप्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर चलने वाले पोस्ट्स और वीडियो की मॉनिटरिंग की जा रही है।

कड़ी चेतावनी जारी: पुलिस प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति, संगठन या असामाजिक तत्व ने यदि पुराने वीडियो, गलत जानकारी या भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की, तो उस पर आईटी एक्ट की गैर-जमानती धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत त्वरित मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल भेजा जाएगा।

राजनीतिक हलचल और तनावपूर्ण शांति

सहारनपुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सियासी तापमान भी चढ़ चुका है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और एआईएमआईएम के शीर्ष नेता लगातार इस ध्वस्तीकरण की कानूनी प्रक्रिया और समय-सीमा पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, विपक्षी बयानों और असंतोष के बीच सहारनपुर का स्थानीय जनजीवन पूरी तरह सामान्य और नियंत्रित बना हुआ है। बाजारों में दुकानें खुली हैं और प्रशासन के सख्त पहरे के चलते शहर में शांति कायम है, जबकि कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा एजेंसियां अगले आदेश तक 24 घंटे सतर्कता बरत रही हैं।