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May 12 2026 06:40 pm

वैशाख पूर्णिमा 2026: आज बुद्ध पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा और दान का क्या है शुभ मुहूर्त

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India News Live,Digital Desk : आज 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है। आज का दिन भगवान विष्णु के अवतार महात्मा बुद्ध के प्राकट्य उत्सव के साथ-साथ मां लक्ष्मी की कृपा पाने का भी विशेष अवसर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा और दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। यदि आप भी आज व्रत रख रहे हैं, तो पूजा और दान के सटीक समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

आज का शुभ मुहूर्त और भद्रा का समय

पंचांग के अनुसार, आज वैशाख पूर्णिमा पर स्नान और दान के लिए सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हालांकि, सुबह 05:41 बजे से सुबह 10:00 बजे तक भद्रा का साया रहेगा, लेकिन धार्मिक कार्यों में भद्रा का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। स्नान-दान के लिए पूरा दिन शुभ है, वहीं सत्यनारायण भगवान की पूजा के लिए शाम का प्रदोष काल सबसे उत्तम मुहूर्त माना जा रहा है।

पितरों की प्रसन्नता के लिए आज क्या करें?

वैशाख पूर्णिमा पर पितरों के निमित्त किया गया तर्पण और दान उन्हें तृप्ति प्रदान करता है। आज के दिन:

सुबह पितरों को जल अर्पित करें और उनके नाम से दीपदान करें।

काले तिल और शीतल जल का दान विशेष रूप से फलदायी है।

गर्मी के मौसम को देखते हुए जल से भरा पात्र, पंखा, छाता, चप्पल और फल का दान जरूरतमंदों को दें।

गाय के उपले (कंडे) पर गुड़-घी की आहुति देकर पितरों का स्मरण करें।

सत्यनारायण पूजा और व्रत पूर्ण करने की विधि

अगर आप पूर्णिमा का व्रत रख रहे हैं, तो शाम के समय भगवान सत्यनारायण की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करें। पुष्प, चंदन, अक्षत और नैवेद्य अर्पित कर श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण करें। पूर्णिमा का व्रत तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक कि रात्रि में चंद्र दर्शन और अर्घ्य न दिया जाए। आज शुक्रवार होने के कारण भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करना आपके घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि करेगा।

चंद्र दर्शन और अर्घ्य का समय

आज चंद्रमा तुला राशि में विराजमान रहेंगे। पंचांग के अनुसार, आज शाम 06:52 बजे चंद्रमा का उदय होगा। चंद्रोदय के पश्चात चांदी या पीतल के पात्र में जल लेकर उसमें कच्चा दूध और अक्षत मिलाएं और चंद्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद ही व्रत का पारण करें। मान्यता है कि आज के दिन चंद्रमा को देखने से मानसिक क्लेश दूर होते हैं और मन शांत रहता है।

स्नान-दान का महत्व

वैशाख पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी है। संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। आज के दिन किया गया जल दान समस्त पापों का नाश करता है।