जनता दर्शन में युवक की दर्दभरी गुहार सुनते ही ऐक्शन में आए सीएम योगी, तुरंत आवास से एंबुलेंस मंगवाकर पीड़िता को कराया भर्ती
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित 5 कालिदास मार्ग मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' उस वक्त बेहद भावुक और मानवीय क्षण का साक्षी बना, जब अयोध्या से अपनी गंभीर रूप से बीमार बहन को लेकर पहुंचे एक असहाय युवक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने हाथ जोड़कर अपनी व्यथा सुनाई। युवक की आंखें आंसुओं से भरी थीं और वह अपनी बहन की बिगड़ती हालत को लेकर अत्यंत घबराया हुआ था। उसने भरे गले से मुख्यमंत्री से कहा, "महाराज जी, मेरी बहन की तबीयत बहुत खराब है, परिवार बेहद गरीब है और हमारे पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, कृपा करके मेरी बहन को बचा लीजिए।"
युवक का इतना कहना था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिना एक पल गंवाए तत्काल एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने पीड़ित भाई को ढांढस बंधाया और मौके पर मौजूद वरिष्ठ प्रशासनिक व चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिया कि बिना किसी कागजी देरी के मरीज को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में लखनऊ के शीर्ष अस्पताल में भर्ती कराया जाए। मुख्यमंत्री के इस मानवीय और संवेदनशील रुख को देखकर जनता दर्शन में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे अन्य फरियादी भी भावविभोर हो उठे।
सीएम आवास से लोहिया संस्थान दौड़ी एंबुलेंस: डॉक्टरों की टीम ने शुरू किया इमरजेंसी उपचार
मुख्यमंत्री के कड़े और सीधे आदेश के बाद मुख्यमंत्री आवास परिसर से तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। पीड़िता को पूरे एहतियात के साथ गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) भेजा गया। मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन पहुंचते ही लोहिया संस्थान का मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम अलर्ट मोड पर आ गई। अस्पताल पहुंचते ही मरीज को सीधे इमरजेंसी और संबंधित वार्ड में शिफ्ट कर जांच व गहन उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
अयोध्या निवासी युवक श्याम अपनी बहन बबिता के गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा था। स्थानीय स्तर पर उचित और महंगे उपचार की व्यवस्था न हो पाने के कारण वह अपनी बहन को लेकर लखनऊ पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि मरीज के उपचार में किसी भी स्तर पर कोई कोताही न बरती जाए और अस्पताल प्रशासन सीधे शासन को मरीज के स्वास्थ्य से संबंधित बुलेटिन से अवगत कराता रहे।
बहन के भर्ती होते ही भाई की आंखों में छलके आंसू: फोन कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान में जैसे ही बहन बबिता को बेड मिला और डॉक्टरों ने दवाइयां व ड्रिप चढ़ाना शुरू किया, भाई श्याम ने राहत की गहरी सांस ली। डॉक्टरों ने मरीज की केस हिस्ट्री और पुरानी बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली और सभी आवश्यक पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जांचें तुरंत कराईं। अपनी आंखों के सामने बहन का तुरंत इलाज शुरू होते देख श्याम अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सका और उसकी आंखों से कृतज्ञता के आंसू बह निकले।
श्याम ने अस्पताल से ही मुख्यमंत्री आवास के कंट्रोल रूम में संपर्क साधा और अपनी बहन की जान बचाने के लिए त्वरित मदद पहुंचाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार प्रकट किया। श्याम ने कहा कि अगर आज महाराज जी ने तत्काल सुध न ली होती, तो शायद वह अपनी लाचार बहन का इलाज करा पाने में असमर्थ रहता। यह त्वरित सहायता उनके परिवार के लिए किसी जीवनदान से कम नहीं है।
सीएम योगी का सख्त निर्देश: 'धन की कमी से यूपी में नहीं रुकेगा किसी का इलाज'
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित होकर आर्थिक मदद मांगने आए अन्य सभी नागरिकों की अर्जियों को भी पूरी संवेदनशीलता से सुना। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि किसी भी जरूरतमंद नागरिक का इलाज केवल इसलिए नहीं रुकना चाहिए क्योंकि उसके पास धन का अभाव है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी मरीज आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आते हैं, उनके अस्पतालों से इलाज का स्टीमेट (खर्च का विवरण) जल्द से जल्द बनवाकर शासन को उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund) से जरूरतमंदों के इलाज के लिए धनराशि तुरंत स्वीकृत की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। अधिकारियों की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे पीड़ितों की फाइलों को लालफीताशाही में अटकाने के बजाय मिशन मोड में काम करके सीधे वित्तीय सहायता जारी कराएं।
जनता दर्शन में छलका वात्सल्य: बच्ची को चॉकलेट देकर मुस्कुराए मुख्यमंत्री
जनता दर्शन में जहां एक तरफ गंभीर मामलों पर मुख्यमंत्री का सख्त और संवेदनशील प्रशासनिक रुख दिखा, वहीं दूसरी तरफ उनका सहज वात्सल्य भाव भी देखने को मिला। जनता दर्शन में एक महिला अपनी नन्हीं मासूम बच्ची के साथ अपनी फरियाद लेकर पहुंची थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले महिला की समस्या को धैर्यपूर्वक सुना और अधिकारियों को त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया।
इसके तुरंत बाद सीएम योगी उस मासूम बच्ची से मुखातिब हुए, उसका नाम पूछा और बड़े प्यार से उसे दुलारा-पुचकारा। मुख्यमंत्री ने सुरक्षाकर्मियों से चॉकलेट मंगवाई और स्वयं उसका रैपर खोलकर मुस्कुराते हुए बच्ची के हाथ में थमा दिया। हाथ में चॉकलेट पाते ही बच्ची खिलखिलाकर हंस पड़ी। बाबा और बच्ची के इस आत्मीय संवाद को देखकर जनता दर्शन में मौजूद तमाम पीड़ित और आगंतुक अपनी पीड़ा भूलकर कुछ पलों के लिए मुस्कुरा उठे और सभी ने मुख्यमंत्री की बाल-सुलभ आत्मीयता की मुक्तकंठ से सराहना की।
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति
जनता दर्शन के समापन पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जमीन-जायदाद से जुड़े विवादों, अवैध कब्जों और थानों से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि पीड़ितों को न्याय पाने के लिए लखनऊ तक दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए जिला और तहसील स्तर के अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठकर आम जनमानस की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें। जो भी अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई तय है।