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September 14 2026 12:40 pm

UP Weather Update: यूपी में तीन दिन और झेलिए भीषण गर्मी व उमस, फिर 5 दिन होगी रिमझिम बारिश

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उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल एक बार फिर से करवट लेने जा रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के थमने के बाद अब तेज धूप और चिपचिपी उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेशवासियों को अभी अगले तीन दिनों तक गर्मी और पसीने की मार झेलनी पड़ेगी। इस दौरान दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि तीन दिन के इस शुष्क और गर्म दौर के बाद 12 सितंबर से मानसून का एक और सक्रिय स्पेल शुरू होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में लगातार 3 से 5 दिनों तक रिमझिम और हल्की से मध्यम बारिश की फुहारें पड़ेंगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और मौसम में गुलाबी ठंडक की दस्तक महसूस होने लगेगी।

11 सितंबर तक धूप-छांव का खेल, चढ़ेगा पारा और बढ़ेगी उमस

मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर तक पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही वाला रहेगा। दिन में चटख धूप निकलने की वजह से अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 80 से 85 प्रतिशत के आसपास बना रहने से उमस भरा चिपचिपापन लोगों की बेचैनी बढ़ाएगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी राजधानी लखनऊ सहित कानपुर, मेरठ, बरेली और आगरा में दिन के तापमान में लगभग 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की उछाल दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं दोबारा मैदानी इलाकों में नहीं पहुंचतीं, तब तक तीखी धूप का असर बरकरार रहेगा।

12 सितंबर से मानसून का अंतिम दौर: 5 दिन तक रिमझिम बारिश के आसार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 12 सितंबर से उत्तर प्रदेश में मानसून का अंतिम दौर शुरू होने जा रहा है। वायुमंडल में बन रहे नए चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के प्रभाव से 12 सितंबर से आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमना शुरू होगा। 12 से लेकर 16 सितंबर तक प्रदेश के पूर्वी, मध्य और तराई के जनपदों में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। यह बारिश तेज आंधी या मूसलाधार जलभराव वाली न होकर मध्यम और फुहारों वाली होगी, जो खेतों और फसलों के लिए किसी अमृत से कम साबित नहीं होगी। मौसम विभाग का मानना है कि सितंबर के इस अंतिम मानसूनी दौर के बाद प्रदेश से धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

पूर्वांचल में छिटपुट बौछारें, पश्चिम यूपी में सूखा

वर्तमान मौसमी परिदृश्य को देखें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के कुछ जिलों जैसे लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, देवरिया, वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज में स्थानीय बादलों के बनने से बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ रही हैं। प्रयागराज में बीते दिन दोपहर के वक्त करीब आधा घंटा झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे कुछ समय के लिए मौसम सुहाना हुआ। वहीं दूसरी ओर पश्चिमी यूपी के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद और अलीगढ़ में रिकॉर्ड बारिश के बाद अब मौसम पूरी तरह शुष्क हो चुका है। इन जिलों में 12 सितंबर के बाद ही बारिश की नई फुहारें गर्मी से वास्तविक राहत दिला पाएंगी।

किसानों के लिए मौसम वैज्ञानिकों की अहम सलाह

सितंबर का यह मौसम धान और खरीफ की अन्य फसलों के लिए बेहद नाजुक माना जाता है। कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि अगले तीन दिन तक तेज धूप रहने के कारण खेतों में नमी का ध्यान रखें। इसके बाद 12 सितंबर से शुरू होने वाली पांच दिवसीय रिमझिम बारिश धान की बालियों के विकास में काफी मददगार साबित होगी। किसानों से अपील की गई है कि वे कीटनाशक या रासायनिक खादों का छिड़काव अगले तीन दिनों के भीतर ही पूरा कर लें, ताकि 12 तारीख से संभावित बारिश के दौरान दवाइयों का असर बहने से बच सके।

रिमझिम फुहारों के बाद शुरू होगी गुलाबी ठंड की सुगबुगाहट

सितंबर के मध्य में होने वाली यह पांच दिवसीय बारिश वातावरण के मिजाज को पूरी तरह बदल कर रख देगी। दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की गिरावट आएगी और रात का पारा 22 से 24 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा। वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण धुल जाएंगे, जिससे हवा साफ होगी। इसके बाद सुबह और देर रात के समय हल्की ठंडी हवाओं का दौर शुरू होगा, जो उत्तर प्रदेश में शरद ऋतु और गुलाबी ठंड के औपचारिक आगमन का संकेत देगा।