अल्ट्राटेक ने सीमेंट की कीमत में बड़ी कटौती की, अब एक बैग हुआ 50 रुपये सस्ता

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India News Live,Digital Desk : सीमेंट क्षेत्र की अग्रणी कंपनी अल्ट्राटेक ने अपने ग्राहकों को जीएसटी में कटौती का तोहफा दिया है। कंपनी ने 22 सितंबर से सीमेंट की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। अब सीमेंट का एक बैग काफी सस्ता हो गया है। कंपनी ने अपने सर्कुलर में कहा है कि 22 सितंबर से ग्रे सीमेंट और व्हाइट सीमेंट, दोनों पर 18% जीएसटी लगेगा, जो पहले 28% था।

कंपनी ने कहा कि एक ज़िम्मेदार संगठन होने के नाते, अल्ट्राटेक इस कटौती का पूरा लाभ अपने डीलरों और ग्राहकों तक पहुँचाएगी। इसी के तहत, ग्रे और व्हाइट सीमेंट की कीमतों पर जीएसटी संशोधन लागू किया जा रहा है। कंपनी ने सभी डीलरों को निर्देश दिया है कि वे इसका लाभ ग्राहकों तक पहुँचाएँ।

कंपनी ने कहा कि 22 सितंबर से सभी सीमेंट बैगों पर नई जीएसटी दर लागू होगी। 17 सितंबर को जारी अपने सर्कुलर में कंपनी ने कहा कि अब से 21 सितंबर, 2025 के बीच प्लांट से भेजे जाने वाले सभी सीमेंट बैगों पर पुरानी और संशोधित एमआरपी, दोनों दिखाई देंगी। पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद ही नई कीमत पर नया स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा।

सीमेंट की कीमत में कितनी कमी आई है?

अल्ट्राटेक ने विभिन्न सीमेंट रेंज की कीमतों में कटौती की है। कंपनी ने सीमेंट के एक बैग की कीमत में लगभग 50 रुपये की कमी की है। पीपीसी सीमेंट के एक बैग की कीमत पहले 550 रुपये थी, जो अब 500 रुपये कर दी गई है। पीसीसी प्रीमियम एलपीपी के एक बैग की कीमत पहले 600 रुपये थी, जो अब 550 रुपये कर दी गई है। अन्य सीमेंट रेंज की कीमतों में भी यही कमी देखी गई है।

सीमेंट पर जीएसटी कितना कम किया गया है?

जीएसटी परिषद की बैठक में सीमेंट पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई, यानी पूरे देश में जीएसटी दर में 10 प्रतिशत की कटौती लागू हो गई है। यह कटौती 22 सितंबर से पूरे देश में लागू हो गई है।

अब केवल दो मुख्य स्लैब

गौरतलब है कि 3 सितंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में अब तक का सबसे बड़ा जीएसटी सुधार लागू किया गया था। इसके तहत चार स्लैब हटा दिए गए थे, जिससे केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% रह गए थे। विलासिता और अहितकर उत्पादों पर जीएसटी की दर बढ़ाकर 40% कर दी गई थी। इस बड़े जीएसटी सुधार के बाद 22 सितंबर से कई चीज़ें सस्ती हो गई हैं। एसी और कार से लेकर टीवी, कपड़े और जूते तक सस्ते हो गए हैं। हालाँकि, उपभोक्ता अभी नए स्टॉक का इंतज़ार कर रहे हैं।