टावर कूलर बनाम डेजर्ट कूलर: भीषण गर्मी में आपके घर के लिए कौन सा है 'कूल' विकल्प? जानें सटीक अंतर
India News Live,Digital Desk : देश के कई हिस्सों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के बीच अब साधारण पंखे जवाब देने लगे हैं। ऐसे में एयर कूलर ही वह किफायती विकल्प है जो बजट में एसी जैसी राहत दे सकता है। लेकिन बाजार में टावर कूलर (Tower Cooler) और डेजर्ट कूलर (Desert Cooler) की वैरायटी देखकर अक्सर लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। आइए जानते हैं तकनीकी रूप से कौन सा कूलर आपकी जरूरतों पर खरा उतरेगा।
टावर कूलर: कम जगह और स्टाइलिश लुक के लिए बेस्ट
टावर कूलर अपने नाम की तरह ही स्लिम और ऊंचे डिजाइन वाले होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में इनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी है।
खूबियां: ये कूलर दिखने में आधुनिक होते हैं और बहुत कम जगह घेरते हैं। ये छोटे बेडरूम, पर्सनल केबिन या ऑफिस डेस्क के लिए बेहतरीन हैं। इनमें शोर बहुत कम होता है और इन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होता है।
कमियां: इनका एयर-थ्रो (हवा फेंकने की दूरी) सीमित होता है। साथ ही, इनकी पानी की टंकी छोटी होती है, जिससे इन्हें बार-बार भरने की जरूरत पड़ सकती है। ये बड़े हॉल या बहुत बड़े कमरों के लिए प्रभावी नहीं हैं।
डेजर्ट कूलर: बड़े कमरों और भीषण गर्मी का रामबाण
डेजर्ट कूलर पारंपरिक और शक्तिशाली कूलिंग के लिए जाने जाते हैं। ये आकार में बड़े होते हैं और इनमें बड़े पंखे या ब्लोअर लगे होते हैं।
खूबियां: अगर आपको किसी बड़े हॉल या लिविंग रूम को ठंडा करना है, तो डेजर्ट कूलर से बेहतर कुछ नहीं। इनमें पानी की बड़ी टंकी (50-100 लीटर तक) होती है, जो पूरी रात बिना दोबारा भरे चल सकती है। इनका एयर-थ्रो बहुत शक्तिशाली होता है, जिससे कमरे के कोने-कोने तक ठंडी हवा पहुँचती है।
कमियां: इन्हें रखने के लिए काफी जगह चाहिए होती है और ये चलते समय काफी शोर करते हैं। टावर कूलर की तुलना में इनकी बिजली की खपत भी अधिक होती है।
ठंडक के मामले में कौन है असली 'किंग'?
अगर बात सिर्फ और सिर्फ ज्यादा ठंडक की हो, तो 'डेजर्ट कूलर' का कोई मुकाबला नहीं है। यह बाहर की गर्म और शुष्क हवा को ज्यादा प्रभावी ढंग से खींचता है और बड़े क्षेत्र का तापमान तेजी से कम करने में सक्षम है। टावर कूलर केवल एक निश्चित दूरी (Spot Cooling) तक ही अच्छी ठंडक दे पाते हैं।