केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगा बंपर इजाफा! फिटमेंट फैक्टर और DA को लेकर आया नया प्रस्ताव

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India News Live,Digital Desk : देश के 45 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 60 लाख पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर आ रही है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए जमीनी स्तर पर काम (Groundwork) तेज कर दिया है। आयोग की टीम देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर कर्मचारी संगठनों से सीधा संवाद कर रही है ताकि वेतन वृद्धि की मांगों को समझा जा सके।

उत्तराखंड के बाद अब दिल्ली की बारी, बैठकों का दौर शुरू

आयोग ने अपनी मुलाकातों का सिलसिला उत्तराखंड से शुरू किया है, जहां 24 अप्रैल को कर्मचारी संगठनों के साथ पहली अहम बैठक संपन्न हुई।

अगला पड़ाव: अब सबकी नजरें दिल्ली पर टिकी हैं, जहां 28 से 30 अप्रैल 2026 तक मुख्य बैठकें आयोजित की जाएंगी।

भविष्य की योजना: इसके बाद मई के महीने में आयोग की टीम पुणे और महाराष्ट्र के अन्य शहरों का दौरा कर वहां के संगठनों की राय जानेगी।

फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग: कितनी बढ़ेगी सैलरी?

कर्मचारी संघों के संयुक्त मंच (NC-JCM) की मसौदा समिति ने सरकार के सामने अपना ज्ञापन सौंप दिया है। इस ज्ञापन की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की है।

महत्वपूर्ण प्रभाव: अगर सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों के न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) में जबरदस्त उछाल आएगा। इससे न केवल सैलरी बढ़ेगी, बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और ग्रेच्युटी पर भी बड़ा सकारात्मक असर पड़ेगा।

वेतन गणना के फॉर्मूले में बदलाव के 3 मुख्य प्रस्ताव

यूनियनों ने वेतन आयोग के सामने कुछ तकनीकी सुधारों का भी सुझाव दिया है, जो कर्मचारियों की जेब पर सीधा असर डालेंगे:

परिवार इकाई में बदलाव: अभी तक भत्ते 3 सदस्यों वाले परिवार के आधार पर तय होते हैं, जिसे बढ़ाकर 5 इकाई करने का प्रस्ताव है।

DA का नया फॉर्मूला: महंगाई भत्ते (DA) की गणना के लिए अब 12 महीने के औसत का सुझाव दिया गया है ताकि मुद्रास्फीति का सही आकलन हो सके।

वेतनमानों का विलय: विसंगतियों को दूर करने के लिए कुछ छोटे और समान वेतनमानों को आपस में जोड़ने (Merge) की सलाह दी गई है।

सैलरी के साथ भत्तों पर भी रहेगी नजर

आयोग केवल मूल वेतन ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण भत्तों की भी समीक्षा कर रहा है, जिनमें शामिल हैं:

HRA (मकान किराया भत्ता)

TA (परिवहन भत्ता)

अन्य सेवा शर्तें

कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि वर्तमान महंगाई दर को देखते हुए भत्तों में सुधार करना बेहद आवश्यक है ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।

कब तक लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में इस आयोग का गठन किया था और इसे अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। दिल्ली के संगठनों के लिए ऑनलाइन फीडबैक देने की समयसीमा 30 अप्रैल तक है। इसके बाद समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर कैबिनेट अंतिम फैसला लेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक कर्मचारियों को नई सैलरी का लाभ मिलना शुरू हो सकता है।