दीपिका की 8 घंटे की शिफ्ट पर मचा बवाल, रश्मिका मंदाना बनीं इंडस्ट्री की मिसाल
India News Live,Digital Desk : दीपिका पादुकोण हाल ही में दो बड़ी साउथ फिल्मों – संदीप रेड्डी वांगा की ‘स्पिरिट’ और नाग अश्विन की ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल से बाहर होने के बाद सुर्खियों में हैं। खबरों के मुताबिक, दीपिका ने मां बनने के बाद 8 घंटे की वर्क शिफ्ट की मांग रखी थी, जिसके चलते उन्होंने इन प्रोजेक्ट्स से दूरी बना ली। इसी बात ने फिल्म इंडस्ट्री में बहस छेड़ दी है कि आखिर एक एक्ट्रेस को काम के घंटे तय करने का हक है या नहीं।
निर्माता एसकेएन ने रश्मिका मंदाना की दी मिसाल
हाल ही में निर्माता एसकेएन ने तेलुगु फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ के प्रमोशनल इवेंट में इस मुद्दे पर अपनी राय दी। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि आज जब यह चर्चा चल रही है कि एक्ट्रेस को कितने घंटे काम करना चाहिए, ऐसे में “पूरे भारत में सिर्फ एक ही हीरोइन है जो बिना किसी डिमांड के जितने घंटे चाहो उतने घंटे काम करती है।”
उन्होंने आगे कहा, “रश्मिका मंदाना काम को समय से नहीं, प्यार से देखती हैं। उनकी लगन और पेशेवर रवैया ही उन्हें परिवार का हिस्सा बना देता है।”
रश्मिका मंदाना का करियर इस साल रहा व्यस्त
रश्मिका मंदाना इस साल लगातार कई फिल्मों में नजर आईं। उन्होंने बॉलीवुड में ‘छावा’, ‘सिकंदर’ और हाल ही में रिलीज हुई ‘थामा’ में काम किया। वहीं साउथ में उनकी फिल्म ‘कुबेर’ भी चर्चा में रही।
अब वह अपनी नई फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ के साथ 7 नवंबर को थिएटर्स में लौट रही हैं। इसके अलावा, उनके पास ‘कॉकटेल 2’ और ‘मायसा’ जैसी फिल्में भी लाइनअप में हैं।
दीपिका का जवाब – “महिला हूं, तो दबाव महसूस होना लाजमी है”
दीपिका ने अपनी बेटी के जन्म के बाद काम के घंटे कम करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था, “एक महिला होने के नाते, अगर यह दबाव डालने जैसा लगता है, तो ऐसा ही सही।”
उन्होंने यह भी बताया कि कई बड़े मेल एक्टर्स सालों से 8 घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे हैं, लेकिन तब किसी ने इसे मुद्दा नहीं बनाया।
उनका यह बयान अब इंडस्ट्री में एक नई बहस की शुरुआत कर चुका है — क्या कलाकारों को अपने काम की सीमाएं खुद तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए?