'700 लोगों ने किया रेप, ईद पर होती थी हिंसक पार्टियां' ब्रिटिश सांसद ने संसद में सुनाई पाकिस्तानी रेप गैंग्स की रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान
अंतरराष्ट्रीय डेस्क: ब्रिटेन में पिछले कई दशकों से सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में कोहराम मचाने वाले 'ग्रूमिंग गैंग्स' (Grooming Gangs) और 'रेप गैंग्स' का मुद्दा एक बार फिर वहां की संसद में पूरी शिद्दत के साथ गूंजा है। ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लो (Rupert Lowe) ने संसद के पटल पर एक बेहद भावुक, कड़ा और ऐतिहासिक भाषण दिया। उन्होंने हाउस ऑफ कॉमन्स में इस भयानक यौन शोषण नेटवर्क का शिकार हुईं पीड़ित महिलाओं और युवतियों की मूल गवाहियों और बयानों को पढ़कर सुनाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद तमाम सांसदों के रोंगटे खड़े हो गए।
सांसद लो ने ब्रिटिश सरकार और कानून निर्माताओं से अपील की कि वे अब इस गंभीर मुद्दे पर केवल राजनीतिक बहस करने के बजाय सीधे और ठोस दंडात्मक कार्रवाई करें। उन्होंने एलान किया, "हमारी स्वतंत्र रेप गैंग जांच रिपोर्ट (Independent Rape Gang Investigation Report) आने वाले दिनों में आधिकारिक तौर पर जारी की जाएगी, जो ब्रिटेन की सामाजिक और कानूनी व्यवस्था को हमेशा के लिए बदलकर रख देगी।"
नस्लीय और धार्मिक आधार पर बनाया जाता था निशाना
सांसद रूपर्ट लो द्वारा संसद में पढ़े गए पीड़िताओं के बयानों में संगठित यौन शोषण, अमानवीय हिंसा, ब्लैकमेलिंग और पीड़ितों को डराने-धमकाने के कई दिल दहला देने वाले विवरण शामिल थे। बयानों के अनुसार, अपराधियों का यह नेटवर्क पीड़िताओं को उनके ईसाई धर्म और श्वेत (White) नस्ल के कारण विशेष रूप से प्रताड़ित करता था।
धार्मिक अस्मिता पर चोट: एक पीड़िता ने अपनी गवाही में बताया कि आरोपी उसका 'क्रॉस' (धार्मिक लॉकेट) छीन लेते थे और उसका मजाक उड़ाते हुए पूछते थे कि— "अब तुम्हारा भगवान कहां है? क्या उसने तुम्हें हमारे हवाले छोड़ दिया?" अपराधियों का मानना था कि श्वेत और ईसाई लड़कियों की कोई नैतिक वैल्यू नहीं होती।
ईद पर हिंसक पार्टियां: गवाहियों में यह भी खुलासा हुआ कि ईद (Eid) और अन्य त्योहारों या छुट्टियों के दौरान इन अपराधियों की पार्टियां और ज्यादा बड़ी, हिंसक और बदतर हो जाती थीं, जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों से कई और मासूम लड़कियों को लाकर इस दलदल में धकेल दिया जाता था।
एक पीड़िता की दर्दनाक गवाही: 3 साल में 700 लोगों ने किया सामूहिक बलात्कार
सांसद लो ने न्याय की गुहार लगा रही दो पीड़िताओं के बयानों को पढ़कर सुनाया, जो ब्रिटेन की कानून व्यवस्था पर बहुत बड़ा तमाचा हैं:
"यह पूरा खौफनाक सिलसिला तब शुरू हुआ था जब मैं महज 13 साल की थी। इसके बाद के अगले तीन सालों के भीतर मुझे बंधक बनाकर लगभग 600 से 700 अलग-अलग पुरुषों द्वारा बार-बार सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया गया।"
एक अन्य पीड़िता ने बताया कि जब वह केवल 12-13 साल की थी, तब उसके साथ दरिंदगी करने के बाद अपराधियों ने उसके शरीर के अंदर कांच की खाली बोतल डाल दी, जो अंदर ही टूट गई। इसके अलावा, कुछ पीड़ितों को लोहे के पिंजरों में बंद रखने, जानवरों के जरिए प्रताड़ित करने और उन पर सट्टा (शर्तें) लगाकर वीडियो बनाने जैसे घिनौने कृत्य भी किए जाते थे।
प्रशासनिक तंत्र और पुलिस पर भी लगे गंभीर आरोप
| विभाग | लापरवाही और मिलीभगत के आरोप |
|---|---|
| ब्रिटिश पुलिस | एक पीड़िता ने अपनी गवाही में सबसे चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि शोषण के इस लंबे और खौफनाक दौर में ब्रिटेन के अलग-अलग काउंटियों के कई पुलिस अधिकारियों ने भी उसका फायदा उठाया और उसके साथ बलात्कार किया। |
| स्वास्थ्य कर्मी और डॉक्टर | एक अन्य पीड़िता के मुताबिक, जब वह 15 साल की उम्र में गंभीर रूप से लहूलुहान और घायल हालत में अस्पताल पहुंची, तो डर के मारे उसने डॉक्टरों से झूठ कह दिया कि उसकी ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था। डॉक्टरों ने मामले की संदिग्धता को भांपने के बावजूद कोई गहन पूछताछ या पुलिस इंक्वायरी नहीं की और सिर्फ दवाइयां देकर उसे तुरंत डिस्चार्ज कर दिया। |
क्या हैं ब्रिटेन के 'ग्रूमिंग गैंग्स' और क्या है इनका पाकिस्तान कनेक्शन?
ब्रिटेन के कानूनी और सामाजिक संदर्भ में 'ग्रूमिंग गैंग्स' शब्द का इस्तेमाल उन संगठित आपराधिक नेटवर्कों के लिए किया जाता है, जो समाज के कमजोर, अनाथ, गरीब या संकटग्रस्त पृष्ठभूमि के बच्चों और किशोरों (विशेष रूप से 11 से 16 वर्ष की लड़कियों) को निशाना बनाते हैं। ये गैंग्स पहले बच्चों को नशीली दवाएं, महंगे गिफ्ट्स या शराब का लालच देकर जाल में फंसाते हैं और फिर डरा-धमकाकर लंबे समय तक कई लोगों द्वारा उनका शारीरिक शोषण करवाते हैं।
ब्रिटिश-पाकिस्तानी कनेक्शन: सांसद रूपर्ट लो द्वारा जारी की गई निजी जांच रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के कम से कम 85 अलग-अलग क्षेत्रों में इस तरह के गैंग-आधारित बाल यौन शोषण (Child Sexual Exploitation) नेटवर्क सक्रिय पाए गए हैं। आधिकारिक जांचों और न्यायिक रिपोर्टों में यह बात प्रमाणित हो चुकी है कि इन रेप गैंग्स में शामिल अधिकांश अपराधी मुख्य रूप से ब्रिटिश-पाकिस्तानी मूल के पुरुष हैं, जो दशकों से इन इलाकों में सक्रिय थे।
प्रशासनिक चुप्पी की वजह: यह मामला सबसे पहले साल 2002 में तब सुर्खियों में आया था जब लेबर पार्टी की सांसद एन क्रायर ने इस संबंध में संसद को चेतावनी दी थी। इसके बाद रोशडेल, रदरहैम, ओल्डहैम, टेलफोर्ड और ऑक्सफोर्ड जैसे कई ब्रिटिश शहरों में इन घिनौने रैकेट का भैंडाफोड़ हुआ था। ब्रिटिश प्रशासन और पुलिस लंबे समय तक केवल इसलिए कार्रवाई करने से बचती रही ताकि उन पर 'नस्लवादी' (Racist) होने का ठप्पा न लग जाए।
सांसद रूपर्ट लो ने अपने भाषण के अंत में ब्रिटिश सरकार को सचेत करते हुए कहा कि अब वह समय आ गया है जब ब्रिटेन की गृह मंत्रालय और कानूनी संस्थाओं को राजनीतिक शुतुरमुर्ग की तरह व्यवहार बंद करना होगा, अपनी पुरानी कमियों को स्वीकार करना होगा और इन मासूमों को न्याय दिलाने के लिए अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना होगा।