जलस्तर घटने लगा, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं है प्रयागराज

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India News Live,Digital Desk : बारिश के इस मौसम में प्रयागराज पांचवीं बार गंगा और यमुना नदियों की बाढ़ का सामना कर रहा है। पिछले एक हफ्ते से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ है और सोमवार से यह प्रक्रिया थोड़ी तेज हुई है। फिलहाल, पूरी तरह पानी उतरने में लगभग दो से तीन दिन और लग सकते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बड़े हनुमान जी मंदिर का जल मंगलवार शाम तक पूरी तरह उतर जाएगा।

सितंबर के पहले हफ्ते में, यानी 4 सितंबर से गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था। दोनों नदियों में यह पांचवीं बाढ़ थी। दो दिनों में जलस्तर 82 मीटर पार कर गया। 9 सितंबर को गंगा का जलस्तर 84.20 मीटर तक पहुंच गया था।

बाद में जलस्तर कम होना शुरू हुआ, लेकिन गति धीमी रही। छह दिनों में गंगा का पानी केवल दो मीटर कम हुआ। सोमवार को गंगा का जलस्तर 82.45 मीटर और यमुना का 81.63 मीटर रिकॉर्ड किया गया।

सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला ने बताया कि नदियों का जलस्तर पूरी तरह कम होने में अभी तीन से चार दिन लग सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज और शाहजहांपुर में गंगा का जलस्तर थोड़ा बढ़ा है।

शाहजहांपुर में छोटी नदियों और हरिद्वार में हुई बारिश के कारण पानी में मामूली बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अब जलस्तर धीरे-धीरे घटेगा।

दूसरी ओर, सोमवार को अंतिम राहत शिविर, कैंट विवाह घर भी बंद कर दिया गया। इसमें रह रहे पांच परिवार अपने घर लौट गए। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने दो दिन के भीतर सर्वे रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश दिए हैं।