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September 13 2026 04:29 pm

अंतरिक्ष में शूट होने वाली पहली फिल्म 'द चैलेंज' जब निर्देशक और अभिनेत्री को सच में जाना पड़ा स्पेस

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India News Live, Digital Desk: अक्सर बॉलीवुड और हॉलीवुड की फिल्मों में हम अंतरिक्ष के शानदार दृश्य देखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक फिल्म ऐसी भी है जिसकी शूटिंग असल में पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष (Space) में हुई है? इस रूसी फिल्म का नाम है 'द चैलेंज' (The Challenge), जिसने हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज से पहले यह इतिहास रच दिया।

फिल्म की कहानी और मिशन

'द चैलेंज' (रूसी नाम: Vyzov) एक ऐसी डॉक्टर की कहानी है जिसे एक अंतरिक्ष यात्री की जान बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) भेजा जाता है।

इतिहास रचा: इस फिल्म की शूटिंग के लिए रूसी अभिनेत्री युलिया पेरसिल्ड और निर्देशक क्लिम शिपेन्को अक्टूबर 2021 में सोयुज रॉकेट से ISS पहुंचे थे।

समय: उन्होंने अंतरिक्ष में 12 दिन बिताए और फिल्म के लगभग 35-40 मिनट के हिस्से को असल जीरो-ग्रैविटी में शूट किया।

शूटिंग के दौरान आईं बड़ी चुनौतियां

अंतरिक्ष में फिल्म बनाना किसी एडवेंचर से कम नहीं था। क्रू और कलाकारों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा:

कठिन ट्रेनिंग: शूटिंग पर जाने से पहले युलिया और क्लिम को हफ्तों तक सेंट्रीफ्यूज और जीरो-ग्रैविटी विमानों में ट्रेनिंग लेनी पड़ी ताकि उनका शरीर अंतरिक्ष के दबाव को झेल सके।

सीमित संसाधन: अंतरिक्ष में कोई बड़ा कैमरा क्रू, लाइटमैन या मेकअप आर्टिस्ट नहीं था। निर्देशक क्लिम शिपेन्को ने खुद ही कैमरा संभाला, लाइटिंग की और साउंड रिकॉर्डिंग भी की। युलिया ने अपना मेकअप खुद किया।

जीरो-ग्रैविटी की समस्या: बिना गुरुत्वाकर्षण के कैमरा स्थिर रखना और कलाकारों का मूवमेंट्स कंट्रोल करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके अलावा, स्पेस सिकनेस (जी मिचलाना) ने भी काम को मुश्किल बनाया।

तकनीकी सीमाएं: फिल्म की रश (फुटेज) को तुरंत चेक करना मुमकिन नहीं था, इसलिए हर सीन को बेहद सावधानी से फिल्माया गया।

टॉम क्रूज को पछाड़ा

काफी समय से चर्चा थी कि टॉम क्रूज स्पेसएक्स (SpaceX) और नासा (NASA) के साथ मिलकर अंतरिक्ष में पहली फिल्म शूट करेंगे। लेकिन रूस ने अपनी इस फिल्म के जरिए अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए 'स्पेस सिनेमा' की दौड़ में बाजी मार ली।

बजट और सफलता

फिल्म को बनाने में लगभग 1.15 बिलियन रूबल (करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक) का खर्च आया। रिलीज के बाद इसे वैश्विक स्तर पर खूब सराहना मिली, क्योंकि दर्शकों के लिए यह पहली बार था कि वे पर्दे पर 'असली' अंतरिक्ष को महसूस कर रहे थे, न कि कंप्यूटर ग्राफिक्स (CGI) को।