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May 12 2026 06:05 pm

तमिलनाडु में टूटा कांग्रेस-DMK का साथ, सुपरस्टार विजय की पार्टी करेगी सरकार बनाने का दावा

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India News Live, Digital Desk: तमिलनाडु की राजनीति में महा-धमाका, दशकों पुराना गठबंधन ढेर दक्षिण भारत की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। तमिलनाडु में सत्ताधारी गठबंधन 'इंडिया' (I.N.D.I.A) बिखर गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके (DMK) से अपना सालों पुराना नाता तोड़कर गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने न केवल राज्य बल्कि देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस के इस कदम के बाद स्टालिन सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं और कयासों का बाजार गर्म है कि अब तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी।

सुपरस्टार विजय बने 'किंगमेकर', सरकार बनाने की तैयारी तेज कांग्रेस के अलग होते ही तमिलनाडु की राजनीति के नए चमकते सितारे और सुपरस्टार विजय की एंट्री ने सबको चौंका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने मौजूदा राजनीतिक शून्यता को भरने के लिए कमर कस ली है। खबर है कि विजय जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। सिनेमाई पर्दे पर राज करने वाले विजय अब राजनीतिक गलियारों में अपनी 'पॉवर' दिखाने को तैयार हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह तमिलनाडु के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक टर्न-अराउंड होगा।

क्यों आई गठबंधन में दरार? क्या था मुख्य कारण? 

डीएमके और कांग्रेस के बीच यह अलगाव अचानक नहीं हुआ है। पिछले कुछ समय से सीटों के बंटवारे और स्थानीय प्रशासन में हिस्सेदारी को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान चल रही थी। कांग्रेस का आरोप है कि डीएमके गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही थी और महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी अनदेखी की जा रही थी। वहीं, विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब राज्य में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश कर रही है, जिसके लिए उसने स्टालिन का साथ छोड़ने का जोखिम उठाया है।

सियासी शतरंज की बिसात बिछी, अब आगे क्या? 

तमिलनाडु विधानसभा में समीकरण अब काफी पेचीदा हो गए हैं। कांग्रेस के अलग होने के बाद डीएमके सरकार बहुमत के आंकड़े को लेकर दबाव में है। दूसरी तरफ, अन्नाद्रमुक (AIADMK) और अन्य विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं। सबसे बड़ी नजर सुपरस्टार विजय के अगले कदम पर है। क्या वह कांग्रेस के साथ मिलकर कोई नया मोर्चा बनाएंगे या निर्दलीयों के दम पर 'थलापति' स्टाइल में सत्ता की कुर्सी तक पहुंचेंगे? चेन्नई के राजभवन से लेकर दिल्ली के गलियारों तक, सबकी नजरें अब अगले 24 घंटों पर टिकी हैं।