June 22 2026 04:57 pm

केरल में खिला कमल कांग्रेस की आंधी के बीच BJP ने रचा इतिहास, इन 3 सीटों पर जीत

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India News Live, Digital Desk: केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने इस बार सबको चौंका दिया है। जहां एक ओर कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए भी यह चुनाव किसी ऐतिहासिक मोड़ से कम नहीं रहा। दशकों से वामपंथ और कांग्रेस के बीच सिमटी केरल की राजनीति में इस बार भाजपा ने न केवल अपना खाता खोला, बल्कि तीन महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

तिरुवनंतपुरम में भाजपा का 'त्रिशक्ति' अवतार इस चुनाव में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम जिले की तीन प्रमुख विधानसभा सीटों  नेमोम, चथनूर और कझाक्कूट्टम पर शानदार जीत हासिल की है। गौरतलब है कि भाजपा ने इससे पहले तिरुवनंतपुरम नगर निगम (मेयर चुनाव) में भी अपनी ताकत दिखाई थी। अब विधानसभा में मिली यह सफलता इस बात का संकेत है कि राजधानी क्षेत्र में भाजपा का जनाधार तेजी से बढ़ा है।

राजीव चंद्रशेखर ने बताया केरल में 'बदलाव' का संकेत पार्टी की इस उपलब्धि पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मलयाली जनता का आभार जताते हुए लिखा, "केरल में एक बड़ा बदलाव हो रहा है। तीन ऐतिहासिक सीटों के अलावा, BJP/NDA का वोट शेयर अब 21 सीटों पर 20% और 10 सीटों पर 30% से अधिक हो गया है।" चंद्रशेखर ने आगे कहा कि जनता अब कांग्रेस और CPM की 'भ्रष्टाचार और अक्षमता की राजनीति' को नकार कर भाजपा की 'परफॉरमेंस की राजनीति' को अपना रही है।

नेमोम में फिर लहराया भगवा, दिग्गजों की हुई जीत केरल में भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली नेमोम सीट पर पार्टी ने अपनी पकड़ दोबारा मजबूत कर ली है। यहां भाजपा के दिग्गज नेता राजीव चंद्रशेखर ने CPI(M) के कद्दावर नेता वी. शिवनकुट्टी को 3,590 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। वहीं, कझाक्कूट्टम सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। तीसरी सफलता चथन्नूर सीट से मिली, जहां भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपाकुमार विजयी रहे।

आंकड़ों की जुबानी: भाजपा का बढ़ता ग्राफ भले ही सत्ता UDF के पास गई हो, लेकिन भाजपा के लिए ये नतीजे उत्साहजनक हैं। केरल के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो:

2016: भाजपा ने ओ. राजगोपाल (नेमोम) के जरिए पहली बार खाता खोला था, तब वोट शेयर 10.53% था।

2021: पार्टी को कोई सीट नहीं मिली, लेकिन वोट शेयर बढ़कर 11.3% हो गया।

2026: भाजपा ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 3 सीटें जीतीं और वोट शेयर में 11.42% की प्रभावशाली बढ़त दर्ज की।

विशेषज्ञों का मानना है कि LDF और UDF के बीच बंटे केरल में तीसरी ताकत के रूप में भाजपा का उदय होना राज्य की भविष्य की राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत है। कार्यकर्ताओं के दशकों के संघर्ष और जमीनी मेहनत ने आखिरकार दक्षिण के इस दुर्ग में भाजपा के लिए बड़े दरवाजे खोल दिए हैं।