Sun Re Piya: क्या आपने सुना नया लव सॉन्ग 'सुन रे पिया'? कभी स्कूल के स्टेज पर भजन गाने से डरकर रो पड़े थे सिंगर राघव कौशिक!
अगर आप भी नए और लीक से हटकर हिंदी गाने (Indie Music) सुनने के शौकीन हैं, तो इन दिनों सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा लव सॉन्ग 'सुन रे पिया' (Sun Re Piya) आपके कानों तक जरूर पहुंचा होगा। यदि आपने इसे अब तक नहीं सुना है, तो आपको इस बेहतरीन ट्रैक को एक बार जरूर सुनना चाहिए।
यह गाना पारंपरिक इंडी गानों से काफी अलग है, जिसमें पारंपरिक ढोल की थाप के साथ-साथ मॉडर्न सिंथ और हॉर्न का एक बेहद खूबसूरत और एनर्जेटिक फ्यूजन सुनने को मिलता है। इस गाने को अपनी जादुई आवाज से सजाया और कंपोज किया है उभरते हुए युवा संगीतकार राघव कौशिक (Raghav Kaushik) ने, जबकि इसके दिल को छू लेने वाले बोल अमृता सलूजा ने लिखे हैं।
क्या है 'सुन रे पिया' की अनोखी कहानी?
'सुन रे पिया' केवल एक डांस नंबर नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावना छिपी है। यह गाना एक ऐसे आशिक (लड़के) की कहानी बयां करता है, जो एक लड़की के प्यार में इस कदर खो चुका है कि उसे दुनिया की कोई परवाह नहीं है। समाज और दुनिया भले ही उस लड़की में तमाम कमियां निकालती रहे, लेकिन इस लड़के को अपनी महबूबा में सिर्फ और सिर्फ अच्छाइयां ही नजर आती हैं।
जब स्कूल में डरकर रोते हुए स्टेज से उतर गए थे राघव
आज भले ही राघव कौशिक हजारों की भीड़ के सामने बेखौफ होकर अपनी आवाज का जादू बिखेरते हैं, लेकिन उनके करियर की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। राघव ने अपने बचपन का एक बेहद दिलचस्प और भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया:
राघव कौशिक ने याद की पुरानी यादें: "मंच पर परफॉर्म करने की मेरी सबसे पहली और पुरानी याद स्कूल के दिनों की है। तब मैं बहुत छोटा था और स्कूल के स्टेज पर एक भजन गाने के लिए चढ़ा था। लेकिन सामने बैठी भीड़ को देखकर मैं इस कदर डर (Stage Fright) गया कि गाना गाने के बजाय रोते हुए स्टेज से नीचे उतर आया था। एक वो दिन था जब मैं डर गया था, और एक आज का दिन है जब साल 2021 में मैंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अपने पूरे बैंड के साथ हजारों की भारी भीड़ के सामने धमाकेदार लाइव परफॉर्मेंस दी।"
7 साल की उम्र से संगीत का सफर: 2019 में बदली जिंदगी
राघव कौशिक का म्यूजिक के साथ रिश्ता बेहद पुराना और गहरा है:
बचपन की ट्रेनिंग: जब राघव महज 7 साल के थे, तभी से उन्होंने संगीत सीखना शुरू कर दिया था। उनकी मां और गुरुओं को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा था, जिसके चलते उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही क्लासिकल म्यूजिक (शास्त्रीय संगीत) की बाकायदा ट्रेनिंग ली।
खुद का म्यूजिक बनाना: साल 2019 में राघव ने खुद की धुनें और म्यूजिक कंपोज करना शुरू किया। राघव के लिए संगीत अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त जरिया था। धीरे-धीरे उन्हें कंपोजिंग की इस प्रक्रिया से प्यार हो गया और संगीत उनकी जिंदगी का एक फुल-टाइम सफर बन गया।
राघव के लिए क्यों खास है 'सुन रे पिया'?
राघव कौशिक ने बताया कि अभी तक उनके फैंस उन्हें केवल शांत और 'सॉफ्ट रोमांटिक' (Soft Romantic) गाने गाने वाले आर्टिस्ट के रूप में जानते थे। लेकिन 'सुन रे पिया' उनके संगीत का एक बिल्कुल अलग और एनर्जेटिक पहलू (Another Side) दिखाता है, जिस पर उन्हें बेहद गर्व है।
वह हमेशा से एक ऐसा हाई-एनर्जी गाना बनाना चाहते थे, जो पूरा ड्रामेटिक हो और जिस पर लोग खुलकर झूम और नाच सकें। गाने की शुरुआत ही दमदार ढोल की आवाज से होती है, जिसे सुनते ही पैर अपने आप थिरकने लगते हैं। राघव का कहना है कि वे भविष्य में खुद को किसी एक शैली (Genre) में बांधना नहीं चाहते, बल्कि वे हर वो एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं जो रचनात्मक रूप से मुमकिन हो, ताकि उनके संगीत की भावनात्मक पवित्रता (Emotional Purity) हमेशा बनी रहे और लोग उनके गानों से सीधे दिल से जुड़ सकें।