Strict measures against pollution: दिल्ली में गुरुवार से BS-VI वाहनों को ही एंट्री, बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल
India News Live,Digital Desk : राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए रेखा सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ऐलान किया कि गुरुवार से दिल्ली के बाहर से आने वाले केवल BS-VI मानक वाले वाहनों को ही शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि बिना वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) वाले वाहन मालिकों को अब पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह कदम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए महज 9–10 महीनों में AQI को पूरी तरह नियंत्रित करना आसान नहीं है। उन्होंने प्रदूषण को लेकर जनता से माफी मांगते हुए कहा कि मौजूदा सरकार लगातार प्रयास कर रही है और हर दिन AQI में सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली को प्रदूषण की समस्या विरासत में मिली है और अब वही पार्टी इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। मंत्री ने सवाल उठाया कि अपने कार्यकाल में आप सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए थे।
सरकार के दावों और उठाए गए कदम
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इस साल करीब आठ महीनों तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले साल की इसी अवधि से बेहतर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में प्रदूषण बढ़ा है, लेकिन सरकार के लगातार प्रयासों के चलते स्थिति अब भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है।
सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि कचरे के पहाड़ों की ऊंचाई में 15 मीटर तक कमी की गई है और लगभग 45 एकड़ जमीन को साफ कर पुनर्चक्रण के दायरे में लाया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने अब तक 2,000 से अधिक प्रदूषण निगरानी संयंत्र स्थापित किए हैं।
सिरसा ने यह भी कहा कि बायोमेथेनेशन संयंत्रों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए हीटर लगाए गए हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और PUCC उल्लंघन पर चालान काटे जा रहे हैं।
सरकार ने दिल्ली में 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है और संबंधित एजेंसियों को इन्हें नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री के अनुसार, कोविड काल को छोड़ दें तो इन इलाकों में इस साल AQI पिछले दस वर्षों में सबसे कम रहा है।
इसके अलावा स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7,500 इलेक्ट्रिक बसें उतारने की योजना बनाई गई है। साथ ही एक वैज्ञानिक समिति गठित की गई है, जो प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी सुझाव दे रही है।