अमरावती के विकास को रफ्तार, नई PPP नीति और 'दिशा बिल' की वापसी; नायडू सरकार के 33 बड़े फैसले
आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने राज्य के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई दिशा देने के लिए एक बेहद अहम कैबिनेट बैठक में कुल 33 बड़े एजेंडों पर अपनी मुहर लगा दी है। अमरावती को देश की एक आधुनिक ग्रीनफील्ड राजधानी के रूप में विकसित करने से लेकर प्राइवेट सेक्टर के निवेश को बढ़ावा देने तक, इस बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने बहुचर्चित 'दिशा बिल' को वापस लेने का बड़ा कदम उठाया है और मछली-झींगा पालकों को बिजली सब्सिडी जारी रखने जैसी कई लोकलुभावन घोषणाएं की हैं।
नई पीपीपी नीति 2026 और वायबिलिटी गैप फंडिंग को मंजूरी
राज्य में निजी निवेश और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए नायडू सरकार ने नई 'पीपीपी नीति 2026' (Public-Private Partnership Policy) को हरी झंडी दे दी है। इस नई नीति का मुख्य फोकस परिवहन, बंदरगाह, हवाई अड्डे, स्वास्थ्य, शिक्षा और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। इसके अलावा, जिन प्रोजेक्ट्स में शुरुआती दौर में मुनाफा कम लेकिन भविष्य में भारी संभावनाएं होती हैं, उन्हें वित्तीय रूप से सपोर्ट करने के लिए सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये के 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' (VGF) और 'ब्रिज फंड' का बड़ा प्रावधान किया है।
क्यों वापस लिया गया आंध्र प्रदेश दिशा बिल?
कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा राजनीतिक फैसला बहुचर्चित 'दिशा बिल' को वापस लेने का रहा। इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट करते हुए सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने पुरानी फाइल को वापस मंगवाकर नए सुझावों के साथ नया बिल लाने की सलाह दी थी। दरअसल, देश भर में अब नए आपराधिक कानून यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू हो चुके हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए पहले से ही बेहद सख्त सजा और कानूनी प्रावधान जोड़े जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि इन नए केंद्रीय कानूनों से दिशा बिल के मूल उद्देश्य स्वतः पूरे हो जाते हैं।
राजधानी अमरावती के विकास को मिलेगी भारी गति
कैबिनेट ने राज्य की महत्वाकांक्षी राजधानी अमरावती के विकास को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए कई अहम प्रस्तावों को पास किया है। अमरावती को एक अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड राजधानी' के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर तेजी से काम शुरू होगा, जिसके तहत 'अमरावती आई प्रोजेक्ट' के लिए अब नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इसके अलावा, बैठक में 'क्वांटम वैली टेक पार्क' के विकास पर विशेष जोर देते हुए वहां जुड़वां दफ्तरों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। साथ ही हाईकोर्ट की कंसल्टेंसी लागत में संशोधन और नई रेलवे लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है।
किसानों, उद्योगों और आम जनता को कई बड़ी राहतें
नायडू सरकार ने अपनी इस कैबिनेट बैठक में कृषि और व्यापार जगत को भी बड़ी सौगातें दी हैं। मछली और झींगा पालकों को मिलने वाली 1.5 रुपये प्रति यूनिट की बिजली सब्सिडी को 1 जून 2026 से आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ कम होगा। राज्य में कारोबार को बेहद आसान (Ease of Doing Business) बनाने के उद्देश्य से एक नया 'ऑम्निबस कानून' भी पारित किया गया है। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और हादसों पर लगाम लगाने के लिए राज्य में एक नई 'पैदल यात्री सुरक्षा नीति' (Pedestrian Safety Policy) को भी आधिकारिक रूप से अपना लिया गया है।