Shringaverpur Dham : गंगा के तट पर आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-10 17:04:00
India News Live,Digital Desk : तीर्थराज प्रयागराज के समीप बसा श्रृंगवेरपुर धाम एक ऐसा स्थल है, जहां गंगा का पवित्र तट, हरियाली और भजन-कीर्तन की मधुर गूंज आपको आध्यात्मिक अनुभव से भर देती है। अगर आप त्रेता युग की धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभूति करना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए अनिवार्य है।
यहां आपको पुरातन परंपरा और आधुनिकता का संगम देखने को मिलेगा। साथ ही, समाज में वैचारिक भिन्नताओं के बावजूद समानता और समरसता का संदेश भी यहां स्पष्ट है।
स्थान और इतिहास:
श्रृंगवेरपुर धाम, संगम तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। कहते हैं, जब त्रेता युग में प्रभु श्रीराम, सीता माता और लक्ष्मण वनवास के लिए अयोध्या से निकले, तो उनका पहला पड़ाव यही था। निषादराज गुह्य ने उनका भव्य स्वागत किया और रात्रि विश्राम के बाद गंगा पार करवाकर उन्हें आगे भेजा।
धार्मिक पर्यटन और निषादराज पार्क:
प्रदेश सरकार ने इस ऐतिहासिक स्थल को धार्मिक पर्यटन के लिए विकसित किया है। छह हेक्टेयर क्षेत्र में फैला निषादराज पार्क, अपनी भव्यता और आकर्षक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। पार्क के केंद्र में 51 फीट ऊंची प्रभु श्रीराम और निषादराज की कांस्य प्रतिमा है, जो दूर से ही लोगों का ध्यान खींचती है और सामाजिक समरसता का संदेश देती है।
पार्क में आप टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर, संध्या घाट, रामघाट, सीताकुंड घाट, ओपन एयर थियेटर, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, ध्यान केंद्र और आध्यात्मिक गैलरी का आनंद ले सकते हैं। निषादराज के किले के अवशेष भी भूतपूर्व गौरव का अनुभव कराते हैं।
महाकुंभ-2025 का आकर्षण:
जनवरी-फरवरी 2025 में महाकुंभ के दौरान लगभग एक करोड़ लोग श्रृंगवेरपुर धाम घूमने आए थे। महाकुंभ के बाद भी यहां पर्यटकों का क्रम लगातार जारी है। पर्यटन विभाग आने-जाने और रुकने की सुविधा हर स्तर पर सुनिश्चित करता है।
अन्य प्रमुख आकर्षण:
श्रृंगवेरपुर के अलावा प्रयागराज में कई आध्यात्मिक और पौराणिक स्थल हैं:
संगम तट के पास अक्षयवट और बड़े हनुमान जी
बांध पर स्थित शंकर विमान मंडपम मंदिर
नगर देवता: भगवान वेणी माधव, मां आलोपशंकरी, मां कल्याणी, मां ललिता देवी
महर्षि भरद्वाज का आश्रम और ऐतिहासिक आनंद भवन
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की शहादत स्थल (आजाद पार्क), विक्टोरिया टावर, इलाहाबाद संग्रहालय
प्रमुख दूरी:
प्रयागराज से वाराणसी: 120 किलोमीटर
प्रयागराज से विंध्याचल (मां विंध्यवासिनी): 90 किलोमीटर
प्रयागराज से चित्रकूट: 130 किलोमीटर (रामघाट, हनुमान धारा, जानकी कुंड आदि)
प्रयागराज से कौशांबी (बुद्ध विहार, पुरातात्विक स्थल): 55 किलोमीटर
प्रयागराज से अयोध्या: 161 किलोमीटर
श्रृंगवेरपुर धाम न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का संगम भी है। यह स्थल हर उम्र और रुचि के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।